Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची के रिम्स इलाके में हाईकोर्ट के निर्देश पर दो दिनों से जारी अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। सोमवार को नगर निगम की टीम और अंचल के सीओ भारी पुलिस बल के साथ चार मंजिला अपार्टमेंट तोड़ने पहुंचे, लेकिन जेसीबी से सिर्फ बाउंड्री वॉल ही तोड़ी जा सकी। अपार्टमेंट की मुख्य इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय लोग नाराज हैं।
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गरीबों के साथ भेदभाव का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अभियान में गरीबों के घर बिना समय दिए और ठंड में तोड़े गए, जबकि बड़े और महंगे अपार्टमेंट पर नरमी बरती गई। कई परिवार अब बेघर हो गए हैं। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई केवल गरीबों तक सीमित रह जाएगी, जबकि अमीरों की इमारतें सुरक्षित रहेंगी।
स्थानीयों की नाराजगी
स्थानीय लोगों का मानना है कि अपार्टमेंट की बाउंड्री तोड़कर केवल औपचारिकता पूरी की गई और आगे भी यह बिल्डिंग नहीं तोड़ी जाएगी। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि अभियान की निष्पक्षता और समानता पर क्या भरोसा किया जा सकता है। यह मामला रांची में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया और सामाजिक न्याय पर नए बहस का केंद्र बन गया है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।