भगवान जगन्नाथ आज जाएंगे एकांतवास में, 15 दिनों तक बंद रहेंगे दर्शन; 16 जुलाई को निकलेगी रथयात्रा

Rupa Kumari | June 29, 2026 | 10:12 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : राजधानी के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आगामी रथयात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सोमवार को भगवान जगन्नाथ एकांतवास (अनवसर काल) में चले जाएंगे। इसके साथ ही अगले 15 दिनों तक श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन नहीं होंगे। इस अवधि में मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। रथयात्रा को लेकर मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर समिति ने जलाभिषेक के लिए ड्रेस कोड भी निर्धारित किया है। इसके तहत पुरुष श्रद्धालुओं को धोती और महिलाओं को साड़ी पहनकर ही जलाभिषेक करने की अनुमति होगी।

मेले के आयोजन की प्रक्रिया तेज

रथयात्रा मेले के आयोजन को लेकर सोमवार को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। इसके बाद मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष योजना तैयार की है।

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335 वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन

धुर्वा स्थित बड़का गढ़ में वर्ष 1691 से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। बताया जाता है कि इस परंपरा की शुरुआत ऐनी नाथ शाहदेव ने की थी, जिसका निर्वहन आज भी किया जा रहा है। इस वर्ष श्रद्धालुओं को पुरी की तर्ज पर विकसित बड़का गढ़ परिसर देखने का अवसर मिलेगा। मौसी बाड़ी में नए ग्रिल लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु व्यवस्थित और कतारबद्ध तरीके से भगवान के दर्शन कर सकेंगे।

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