“कितने पेपर लीक के बाद इस्तीफा देंगे शिक्षा मंत्री?” -इमरान प्रतापगढ़ी का केंद्र सरकार पर हमला

Meenu | June 25, 2026 | 02:26 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची :कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रांची में दिए बयान में उन्होंने पूछा, “कितने पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री इस्तीफा देंगे?” और सरकार से इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग की।

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राहुल गांधी की “शिक्षा न्याय यात्रा” का समर्थन

इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दिल्ली से कोटा तक “शिक्षा न्याय यात्रा” शुरू की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है, जबकि देशभर में पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

NEET 2026 पेपर लीक पर उठाए सवाल

उन्होंने नीट 2026 पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। कई छात्र मानसिक तनाव में आकर गंभीर कदम उठाने को मजबूर हुए हैं, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। प्रतापगढ़ी ने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि पेपर कहां से लीक हुआ, बल्कि यह है कि इसके पीछे कौन लोग हैं और उन्हें संरक्षण कौन दे रहा है। कांग्रेस सांसद ने बताया कि 9 अगस्त को दिल्ली में छात्रों की समस्याओं और पेपर लीक के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार इस मुद्दे को उठा रही है और प्रभावित छात्रों के परिवारों के साथ खड़ी है।

शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

इमरान प्रतापगढ़ी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं आएगी, तब तक छात्रों का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि परीक्षा सुरक्षा के लिए सेना और वायुसेना जैसी संस्थाओं की मदद लेनी पड़ रही है, तो यह पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल है। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने में विफल रही है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक माफिया और कथित संरक्षण देने वालों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।

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