Samachar Post डेस्क, रांची : झारखंड में विदेश से संचालित हो रहे संगठित अपराध और रंगदारी नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य की अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने विदेश में छिपे अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से फरार अपराधियों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है। पुलिस मुख्यालय का उद्देश्य ऐसे अपराधियों की प्रोफाइल तैयार कर उन्हें इंटरपोल के माध्यम से ट्रैक करना और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर भारत लाना है।
जिलों से मांगी गई विस्तृत जानकारी
CID द्वारा जारी निर्देश में विदेश में छिपे अपराधियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी गई हैं। इनमें नाम, पिता का नाम, पासपोर्ट विवरण, हालिया फोटो, दर्ज आपराधिक मामलों की संख्या, वर्तमान ठिकाना और उपलब्ध होने पर फिंगरप्रिंट जैसी सूचनाएं शामिल हैं। अधिकारियों को यह भी स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि यदि उनके जिले में कोई ऐसा मामला नहीं है तो इसकी जानकारी भी मुख्यालय को भेजी जाए।
चार श्रेणियों में तैयार होगी अपराधियों की सूची
CID ने फरार अपराधियों को अपराध की प्रकृति के आधार पर चार श्रेणियों में वर्गीकृत करने का निर्णय लिया है, आतंकवाद और संगठित अपराध से जुड़े आरोपी, ड्रग्स एवं नारकोटिक्स तस्करी में शामिल अपराधी, आर्थिक अपराधों के आरोपी साइबर अपराध, मानव तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल फरार आरोपी इस वर्गीकरण के आधार पर इंटरपोल और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: सिमडेगा में दर्दनाक सड़क हादसा, स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त; 5 लोगों की मौत, 4 गंभीर घायल
विदेश से कारोबारियों को मिल रही धमकियां
पुलिस जांच में सामने आया है कि कई अपराधी विदेश में बैठकर इंटरनेट कॉलिंग और अंतरराष्ट्रीय नंबरों के माध्यम से झारखंड के कारोबारियों को धमकी देकर रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार कुछ गैंग विदेश से ही अपने नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी चुनौतीपूर्ण बन जाती है। सूत्रों के मुताबिक राज्य के कई कुख्यात अपराधी या उनके सहयोगी विदेश में रहकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने में लगे हुए हैं।

मयंक सिंह की गिरफ्तारी के बाद तेज हुई कार्रवाई
हाल ही में विदेश में गिरफ्तार किए गए कुख्यात अपराधी मयंक सिंह को भारत लाया गया था। इस कार्रवाई को झारखंड पुलिस की बड़ी सफलता माना गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि उसके बाद भी विदेश से धमकी और रंगदारी के प्रयास पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि अपराधी तकनीक और अंतरराष्ट्रीय संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
संगठित अपराध पर लगेगी लगाम
झारखंड पुलिस को उम्मीद है कि इंटरपोल और अन्य अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से विदेश में छिपे अपराधियों को पकड़कर भारत लाने में सफलता मिलेगी। इससे राज्य में संगठित अपराध, रंगदारी और साइबर अपराध जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।
