भाजपा प्रदेश कार्यसमिति गठन में बढ़ी चुनौती, सीमित पदों ने बढ़ाई दावेदारों की चिंता

Rupa Kumari | June 23, 2026 | 05:10 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड भाजपा में प्रदेश कार्यसमिति के गठन को लेकर मंथन तेज हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा प्रदेश पदाधिकारियों, प्रवक्ताओं और विभिन्न प्रकोष्ठों की घोषणा किए जाने के बाद अब कार्यसमिति गठन सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। पार्टी के भीतर सीमित पदों और बढ़ती दावेदारी के कारण कार्यसमिति की घोषणा में देरी हो रही है।

पार्टी संविधान के अनुरूप होगी कार्यसमिति

सूत्रों के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने इस बार प्रदेश कार्यसमिति का गठन पार्टी संविधान के प्रावधानों के अनुरूप करने के निर्देश दिए हैं। इसी वजह से कार्यसमिति में सदस्यों की संख्या सीमित रखनी होगी। बताया जा रहा है कि पहले कई बार अधिक से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को समायोजित करने के उद्देश्य से कार्यसमिति का आकार काफी बड़ा रखा जाता था। लेकिन अब संगठनात्मक नियमों के तहत कुल सदस्यों की संख्या निर्धारित सीमा में रखने की बाध्यता है।

महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व

जानकारी के मुताबिक, प्रदेश पदाधिकारियों और अन्य घोषित पदों को मिलाकर अब तक 24 नाम शामिल किए जा चुके हैं। ऐसे में कार्यसमिति में सीमित पद ही शेष बचे हैं। पार्टी संविधान के अनुसार महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य है, जिससे उपलब्ध पदों की संख्या और कम हो जाती है। भाजपा के संगठनात्मक ढांचे के अनुसार राज्य के सभी जिलों को प्रतिनिधित्व देना भी आवश्यक माना जा रहा है। झारखंड में पार्टी के 30 संगठनात्मक जिले हैं। ऐसे में प्रत्येक जिले से प्रतिनिधि शामिल करने के बाद वरिष्ठ नेताओं और लंबे समय से संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं के लिए स्थान सीमित हो जाता है।

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कार्यसमिति गठन पर सबकी नजर

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कार्यसमिति में जगह पाने के लिए कई नेता सक्रिय हैं। वहीं प्रदेश नेतृत्व के सामने संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, महिला भागीदारी और वरिष्ठता जैसे कई पहलुओं को साधने की चुनौती है। हालांकि भाजपा की ओर से कार्यसमिति गठन को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी सूत्रों का मानना है कि सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद जल्द ही नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा की जा सकती है।

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