Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : विकास के दावों के बीच जामताड़ा प्रखंड की गोपालपुर पंचायत स्थित शतसाल नीचे टोला आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। करीब 600 की आबादी वाला यह गांव वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है। नाराज ग्रामीणों ने अब आगामी पंचायत चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी देते हुए ‘रोड नहीं, तो वोट नहीं’ का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार शतसाल नीचे टोला तक पहुंचने वाला रास्ता पूरी तरह कच्चा है। बारिश शुरू होते ही सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है और कई जगह जलजमाव की स्थिति बन जाती है। नतीजतन गांव का संपर्क जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों से लगभग कट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल तीन से चार महीने तक आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित रहता है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो जाती है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा असर
सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है। कीचड़ और खराब रास्तों के कारण कई बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुंच पाते। वहीं किसी के बीमार होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिसके कारण मरीजों को खाट या खटिया पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीजों की जान भी जोखिम में पड़ जाती है।
चुनावी वादों तक सीमित रही सड़क की मांग
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान नेता, विधायक और सांसद गांव पहुंचकर सड़क निर्माण का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सभी वादे भुला दिए जाते हैं। कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष समस्या उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
यह भी पढ़ें: झारखंड में बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट का सपना अधूरा, 4 करोड़ रुपये की कमी बनी बड़ी बाधा

पंचायत चुनाव बहिष्कार का ऐलान
लगातार उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत चुनाव से पहले सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो पूरा शतसाल नीचे टोला मतदान का बहिष्कार करेगा। उनका मानना है कि वर्षों से अनसुनी की जा रही उनकी आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए अब यही आखिरी विकल्प बचा है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि गांव के लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके और उन्हें हर साल बरसात के मौसम में परेशानियों का सामना न करना पड़े।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

