Samachar Post रिपोर्टर, पलामू : पलामू पुलिस जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी में है। अब आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा और जेल जा चुके अपराधियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। पलामू के एसपी कपिल चौधरी के निर्देश के बाद पुलिस ने इस विशेष अभियान की शुरुआत की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बीते दस वर्षों में आर्म्स एक्ट के तहत जेल जा चुके सभी अपराधियों की सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद उनके वर्तमान गतिविधियों और संपर्कों की निगरानी की जाएगी।
अपराधियों की गतिविधियों पर रहेगी नजर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में जेल से बाहर आने के बाद अपराधी फिर से अवैध गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। इसी को देखते हुए अब ऐसे लोगों की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित आपराधिक घटना को समय रहते रोका जा सके। जरूरत पड़ने पर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य जिले में अपराध और अवैध हथियारों पर नियंत्रण स्थापित करना है।
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लाइसेंसी हथियारों की भी होगी जांच
पुलिस ने लाइसेंसी हथियार रखने वालों के लिए भी नई जांच प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। अब लाइसेंस धारकों के चरित्र सत्यापन के साथ-साथ उनके आपराधिक इतिहास की भी विस्तार से जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आता है या वह कानून-व्यवस्था के लिए खतरा माना जाता है, तो उसका हथियार लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम
पलामू पुलिस की इस पहल को जिले में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अवैध हथियारों और अपराध पर पूरी तरह रोक लगाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।