Samachar Post रिपोर्टर,रांची :हजारीबाग में कथित भूमि घोटाले के मामले में जेल में बंद IAS अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को हुई सुनवाई में शीर्ष अदालत ने उन्हें सख्त शर्तों के साथ जमानत दे दी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने सुनाया, जिसमें जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए स्पष्ट किया है कि विनय चौबे देश नहीं छोड़ सकते और उन्हें मामले से जुड़े गवाहों से दूरी बनाए रखनी होगी। इन शर्तों के साथ उन्हें राहत जरूर मिली है, लेकिन केस की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
यह भी पढ़ें :18 अप्रैल से सीएम हाउस के बाहर सहायक शिक्षकों का आमरण अनशन, 40 हजार शिक्षक होंगे शामिल
हाईकोर्ट से पहले मिल चुका था झटका
इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। 6 जनवरी को जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने उन्हें बेल देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां अब जाकर उन्हें राहत मिली। यह मामला एसीबी द्वारा दर्ज केस से जुड़ा है। पिछले साल अगस्त में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और कांड संख्या 9/2025 के तहत जांच शुरू हुई थी। जांच के बाद एसीबी ने विनय चौबे के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है, जिसके आधार पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।
क्या है पूरा मामला
आरोप है कि हजारीबाग में डीसी रहते हुए विनय चौबे ने सेवायत भूमि की खरीद-बिक्री में अनियमितता बरती। इसी मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वे जेल से बाहर आ सकेंगे, लेकिन जांच और ट्रायल की प्रक्रिया जारी रहेगी।
आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब ट्रायल के दौरान ही यह तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल, जांच एजेंसियां और अदालत दोनों ही इस मामले की आगे की कार्रवाई में जुटी हैं।
Reporter | Samachar Post