टाटानगर रेल नेटवर्क को मिलेगी मजबूती, पांड्रासाली-कांड्रा के बीच बनेंगी दो नई लाइनें

Rupa Kumari | April 20, 2026 | 04:47 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर: टाटानगर और आसपास के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हुई है। क्षेत्र के सांसद बिद्युत बरण महतो ने रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर कई अहम परियोजनाओं पर चर्चा की, जिनमें नई रेल लाइनों और सैटेलाइट स्टेशन का प्रस्ताव शामिल है।

पांड्रासाली-कांड्रा के बीच चौथी और पांचवीं लाइन

बैठक में पांड्रासाली से कांड्रा के बीच चौथी और पांचवीं रेल लाइन बिछाने पर सहमति बनी। करीब 42 किलोमीटर लंबी यह लाइन चक्रधरपुर रेल मंडल  के अंतर्गत बनाई जाएगी। नई लाइन बनने से मालगाड़ियों को अलग बाईपास मिलेगा और उन्हें मुख्य हावड़ा-मुंबई मार्ग पर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई लाइन से राजखरसावां और सीनी जैसे स्टेशनों पर ट्रैफिक दबाव कम होगा। मालगाड़ियों का संचालन अलग ट्रैक से होने पर यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी घटेगी और ट्रेनों के समय पर चलने की संभावना बढ़ेगी।

यह भी पढ़ें: बोकारो में नेताओं पर 42.5 लाख बकाया, दो क्वार्टर तोड़कर भवन बनाने का आरोप

सैटेलाइट स्टेशन बनाने की योजना

टाटानगर के पास एक नया सैटेलाइट स्टेशन विकसित करने की योजना भी तैयार की जा रही है। इसे आधुनिक कोचिंग टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां ट्रेनों का आगमन-प्रस्थान, रखरखाव और ठहराव की सुविधा होगी। इससे मुख्य टाटानगर रेलवे स्टेशन पर दबाव कम होगा। रेल मंत्रालय ने दोनों परियोजनाओं के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दी है। इसके लिए करीब 1.812 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सर्वे पूरा होने के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

865 करोड़ की अन्य योजनाएं प्रस्तावित

बैठक में अन्य बड़ी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई, जिनमें करीब 482 करोड़ रुपये से टाटानगर स्टेशन पर चार नए प्लेटफॉर्म और लूप लाइन का निर्माण लगभग 383.78 करोड़ रुपये की लागत से वंदे भारत कोच डिपो की स्थापना ये दोनों प्रस्ताव फिलहाल रेलवे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।

नई ट्रेन सेवाओं पर भी विचार

बैठक में टाटानगर से जयपुर और बेंगलुरु के लिए नई ट्रेन सेवाओं पर भी चर्चा हुई। टाटा-जयपुर रूट को छोटा करने और टाटा-बेंगलुरु के लिए नए मार्ग पर भी विचार किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के लागू होने से जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में रेल सेवाएं बेहतर होने, ट्रेनों की समयबद्धता बढ़ने और यात्री सुविधाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

Share this news

संबंधित खबरें