Samachar Post रिपोर्टर, रांची: रांची से ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां फर्जी अधिकारी बनकर एक दंपति ने रिम्स में एडमिशन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये और करीब 1 किलो सोना ठग लिया। मामले में सुखदेव नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है।शिकायतकर्ता दीवान मिढ़ा के अनुसार, आरोपी अरुण कुमार और उसकी पत्नी ने खुद को बड़े अधिकारियों और नेताओं से जुड़ा बताया। शुरुआत में उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के नाम पर कंबल वितरण के बहाने करीब 1000 कंबल ले लिए और धीरे-धीरे परिवार का भरोसा जीत लिया।
एडमिशन के नाम पर करोड़ों की वसूली
आरोपियों ने पीड़ित की बेटी का Rajendra Institute of Medical Sciences (रिम्स) में पीजी मैनेजमेंट के NRI कोटे से एडमिशन कराने का झांसा दिया। फिर अलग-अलग जगहों पर बुलाकर करीब 1 करोड़ रुपये और 995 ग्राम सोना ठग लिया पीड़ित के पास ऑडियो रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैट जैसे सबूत भी मौजूद हैं।
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इलाज के नाम पर भी ठगी
मामला यहीं नहीं रुका। दीवान की बहन के इलाज के नाम पर भी आरोपियों ने एयर एंबुलेंस और ऑपरेशन का झांसा देकर लाखों रुपये और गहने ऐंठ लिए। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 15 मार्च को लोअर बाजार थाना क्षेत्र में उनकी गाड़ी से नशीला पदार्थ बरामद हुआ, जिसे पीड़ित ने आरोपियों की साजिश बताया है।
असली पहचान आई सामने
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी का असली नाम तनवीर अख्तर है, जो खुद को अरुण कुमार बताकर ठगी कर रहा था। उसकी पत्नी का नाम आइशा बताया गया है। दोनों कथित रसूख और सुरक्षा का झूठा दिखावा कर लोगों को फंसाते थे। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और ठगे गए पैसे व सोने की बरामदगी की मांग की है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि फर्जी पहचान और प्रभाव का झांसा देकर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।