Samachar Post रिपोर्टर,हजारीबाग :झारखंड के प्रवासी मजदूरों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र स्थित सारुकुदार पंचायत के चिंहुटिया गांव निवासी नुनुचंद महतो (40) की महाराष्ट्र के पुणे चाकन में काम के दौरान बिल्डिंग से गिरने से गुरुवार को दर्दनाक मौत हो गई। नुनुचंद महतो पिछले 15 वर्षों से पुणे में राजमिस्त्री का काम कर रहे थे। उनके परिवार का मुख्य सहारा वही थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वह अपनी पत्नी धनेश्वरी देवी, पुत्री देवंती कुमारी (20), कंचन कुमारी (15) और पुत्र राकेश कुमार (18) सहित परिवार छोड़ गए।
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समाजसेवियों ने जताई संवेदना
सूचना मिलने के बाद समाजसेवी सिकन्दर अली मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को ढाढ़स बंधाया और कहा कि यह केवल एक मामला नहीं है। देश के अन्य राज्यों और विदेशों में रोज़मर्रा की मजदूरी करते हुए प्रवासी श्रमिकों की मौत के मामले लगातार सामने आते रहते हैं।
स्थानीय रोजगार की आवश्यकता
हजारीबाग, बोकारो और गिरिडीह के कई युवा रोज़ी-रोटी के लिए देश के अन्य राज्यों और महानगरों में पलायन करते हैं। इस दौरान कई मजदूर जीवन की आहुति दे देते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए सरकार को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने और पलायन घटाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
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