Samachar Post रिपोर्टर, रांची: बढ़ती गर्मी और आग लगने की घटनाओं के खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) झारखंड ने राज्य के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, सीएचसी-पीएचसी समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का आदेश दिया है।
हर हाल में कराना होगा फायर ऑडिट
NHM ने निर्देश दिया है कि 4 मई से 10 मई 2026 तक ‘अग्नि सुरक्षा सप्ताह’ मनाया जाए। इस दौरान सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। खासतौर पर बढ़ते बिजली लोड से होने वाले शॉर्ट सर्किट की आशंका को देखते हुए वायरिंग, उपकरण और बैकअप सिस्टम की जांच पर जोर दिया गया है।
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थीम: सुरक्षित अस्पताल, जागरूक समाज
इस वर्ष अग्नि सुरक्षा सप्ताह की थीम तय की गई है “सुरक्षित स्कूल, सुरक्षित अस्पताल और अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक समाज – अग्नि निवारण के लिए एक साथ।” इस अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा के साथ आम लोगों को भी जागरूक करने पर फोकस रहेगा।
NOC और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
सभी अस्पतालों को अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेने और बिजली से जुड़े सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया है। जहां भी सुरक्षा में कमी है, उसे तत्काल दूर करने को कहा गया है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग संयुक्त रूप से प्रशिक्षण सत्र, वेबिनार और फायर ड्रिल आयोजित करेंगे। इनमें आग लगने की स्थिति में बचाव, मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने और आपातकालीन प्रबंधन का अभ्यास कराया जाएगा।
11 मई तक भेजनी होगी रिपोर्ट
सभी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि अग्नि सुरक्षा सप्ताह के दौरान की गई गतिविधियों की फोटो और फायर सेफ्टी असेसमेंट रिपोर्ट 11 मई 2026 तक विभाग के पोर्टल या ई-मेल पर भेजें। NHM ने स्पष्ट किया है कि मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।