Samachar Post रिपोर्टर,सरायकेला :सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड स्थित कालीचामदा गांव में आज भी पक्की सड़क नहीं बन पाई है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। चांडिल बांध विस्थापन का असर झेल चुके इस गांव के लोग अब बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।
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स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर
गांव में सड़क नहीं होने का सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिसके कारण गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को खटिया के सहारे कीचड़ भरे रास्तों से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने से स्थिति और गंभीर हो जाती है।
बरसात में हालात और बदतर
करीब 70 परिवारों और लगभग 400 की आबादी वाले इस गांव में आवागमन की समुचित व्यवस्था नहीं है। बारिश के मौसम में कच्ची सड़क दलदल में बदल जाती है, जिससे गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। कीचड़ और फिसलन के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि वे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
7 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने साफ कहा है कि यदि 7 दिनों के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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