- एनएचएम मिशन डायरेक्टर शशि प्रकाश झा ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर जामचूंआ से कार्यक्रम का किया शुभारंभ, हर शुक्रवार होगा आयोजन
Samachar Post रिपोर्टर, रांची : नामकुम प्रखंड के जामचूंआ स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में शुक्रवार को किशोर-किशोरियों के लिए ‘उमंग दिवस’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन डायरेक्टर शशि प्रकाश झा ने गुब्बारे उड़ाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किशोर स्वास्थ्य और उनके समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए अब प्रत्येक शुक्रवार को यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
किशोरावस्था के सवालों का सही जवाब देना जरूरी
कार्यक्रम के दौरान मिशन डायरेक्टर ने कहा कि किशोरावस्था वह समय होता है जब बच्चों के मन में कई तरह के सवाल पैदा होते हैं। ऐसे में अभिभावकों और शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के सवालों का सही मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई, करियर और जीवन के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
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कम उम्र में शादी और नशे से दूर रहने की दी सलाह
कार्यक्रम में किशोर-किशोरियों को कम उम्र में शादी के दुष्परिणामों के बारे में भी बताया गया। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र में शादी करना कानूनन अपराध है और इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है। साथ ही नशे से दूर रहने और अपने आसपास किसी को नशे की लत लगे तो उसे समझाकर छुड़ाने का प्रयास करने की भी सलाह दी गई।
मानसिक स्वास्थ्य और पोषण पर भी दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति हमेशा गुस्से में रहता है या भविष्य को लेकर अत्यधिक चिंतित रहता है, वह मानसिक तनाव का शिकार हो सकता है। इसलिए बच्चों को सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही किशोर-किशोरियों को आयरन की गोली, पोषण और स्वच्छता से जुड़ी जानकारी भी दी गई।
राज्यभर में हर महीने आयोजित होगा ‘उमंग दिवस’
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ‘उमंग दिवस’ के माध्यम से किशोर-किशोरियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, नशा मुक्ति और सामाजिक मुद्दों पर जागरूक किया जाएगा। राज्यभर के हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से इस कार्यक्रम को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले समूहों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा।
उमंग दिवस के माध्यम से बच्चे एक मंच पर खुल कर अपनी बात रख सकेंगे
यूनिसेफ झारखंड की चीफ फील्ड ऑफिसर डॉ कनिनिका मित्रा ने कहा कि उमंग दिवस के माध्यम से बच्चों को एक ऐसा मंच मिलेगा जहां वे खुलकर अपनी बात रख सकेंगे और अपनी समस्याओं को साझा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि किशोर-किशोरी कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं, जिन्हें संवेदनशीलता और समझदारी के साथ मार्गदर्शन देने की आवश्यकता होती है। उनके साथ कभी भी आलोचनात्मक या निर्णायक व्यवहार नहीं करना चाहिए। उन्होंने झारखंड की सराहना करते हुए कहा कि यह पहला राज्य है जहां इस तरह का कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो आने वाले समय में किशोरों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ इस पहल में आगे भी अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करता रहेगा। इधर, पहले उमंग दिवस सत्र का विषय “किशोरावस्था में शारीरिक बदलाव, गैर संचारी रोग, स्वस्थ जीवनशैली, पोषण एवं आयरन फोलिक एसिड का महत्व” रखा गया, जिसमें किशोरों को शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तनों, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में ये रहें उपस्थित
कार्यक्रम में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा के अलावा राज्य नोडल पदाधिकारी (RBSK) डॉ मुकेश मिश्रा, राज्य नोडल पदाधिकारी- गैर संचारी रोग डॉ लाल मांझी, सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार, डॉ पुष्पा, डॉ कमलेश, डॉ विजय किशोर रजक, डॉ प्रभात कुमार, चीफ फील्ड ऑफिसर यूनिसेफ झारखंड डॉ कनिनिका मित्रा, राज्य समन्वयक रफत फरजाना, डॉ वनेश माथुर, जोशीला पल्लापति सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।