- गया में आयोजित प्रतियोगिता में पांच राज्यों की टीमों के बीच शानदार प्रदर्शन, कई चरण पार कर फाइनल तक पहुंचीं
Samachar Post रिपोर्टर, रांची :बिहार के गया में आयोजित ईस्ट जोन युवा फॉगसी प्रतियोगिता में रांची के सदर अस्पताल की डीएनबी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे पूर्वी भारत में दूसरा स्थान हासिल किया। इस प्रतियोगिता में सदर अस्पताल रांची की डीएनबी प्रथम वर्ष की छात्रा डॉ. नंदिनी और अंतिम वर्ष की छात्रा डॉ. प्रीति ने रांची का प्रतिनिधित्व किया। प्रतियोगिता में पूर्वी भारत के विभिन्न राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। कई चरणों वाली इस क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को पांच राउंड के कठिन सवालों का सामना करना पड़ा। इससे पहले रांची में आयोजित प्रारंभिक चयन प्रक्रिया के तीन राउंड पार कर यह टीम सेमीफाइनल तक पहुंची और कुल 11 टीमों को पीछे छोड़ते हुए फाइनल में जगह बनाई। अंततः टीम ने उपविजेता बनकर झारखंड का नाम रोशन किया।
सदर अस्पताल में डीएनबी की तीसरी बैच चल रही
सदर अस्पताल रांची में डीएनबी कोर्स की यह तीसरी बैच है। यहां डीएनबी कार्यक्रम का संचालन एकेडमिक हेड डॉ. समरीना कमाल के नेतृत्व में किया जा रहा है। शिक्षकों की टीम में डॉ. श्वेता लाल, डॉ. किरण चंदेल, डॉ. रश्मि सिंह और डॉ. वंदिता शामिल हैं, जो विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे रही हैं।
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इस वर्ष सर्जरी में भी शुरू हुआ डीएनबी कोर्स
सदर अस्पताल में इस वर्ष से सर्जरी विभाग में भी डीएनबी पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही जल्द ही पैथोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, एनेस्थीसिया, नेत्र और ईएनटी विभाग में भी डीएनबी पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में मददगार
डीएनबी कार्यक्रम का संचालन डीएनबी कोऑर्डिनेटर डॉ. समरीना, सीएस डॉ. प्रभात, डीएस डॉ. बिमलेश सिंह के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव श्री ललित मोहन शुक्ला तथा एसीएस अजय सिंह का सहयोग प्राप्त है। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का भी समर्थन मिल रहा है।
एमडी-एमएस के समकक्ष माना जाता है डीएनबी
डीएनबी एक पोस्टग्रेजुएट मेडिकल डिग्री है, जिसे कई मामलों में एमडी और एमएस के समकक्ष तथा कुछ जगहों पर बेहतर भी माना जाता है, क्योंकि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त है। इस कार्यक्रम के माध्यम से झारखंड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ रही है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
Reporter | Samachar Post