- 12 वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में गिरफ्तार था आरोपी, SSP राकेश रंजन ने लापरवाही पर की कार्रवाई
Samachar Post रिपोर्टर,रांची :राजधानी रांची के नामकुम थाना में हाजत के अंदर एक आरोपी द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए SSP राकेश रंजन ने थाना प्रभारी सहित 7 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार आरोपी जगाई मुंडा को 12 वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में बुधवार रात गिरफ्तार कर नामकुम थाना की हाजत में रखा गया था। गुरुवार तड़के करीब 3 बजे आरोपी ने हाजत में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि उसने हाजत में मौजूद कंबल को फाड़कर फंदा बनाया और उसे गेट से बांधकर खुदकुशी कर ली।
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12 वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या का था आरोप
एसएसपी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आरोपी खूंटी जिले के साइको क्षेत्र का रहने वाला था। उसका एक शादीशुदा महिला के साथ प्रेम संबंध बताया जा रहा है। रविवार को दोनों की मुलाकात के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद 2 मार्च को आरोपी ने महिला के 12 वर्षीय बेटे रमेश हजाम का अपहरण कर लिया। आरोपी बच्चे को रामगढ़ जिले के घाटो इलाके में ले गया, जहां उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए बच्चे के चेहरे को पत्थर से बुरी तरह कुचल दिया और शव को दफना दिया।
पुलिस कर रही मामले की जांच
इधर आरोपी की मौत के बाद उसके परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। मृतक की पत्नी पार्वती देवी और बेटा सिंगा मुंडा का कहना है कि उन्हें थाना से फोन कर आधार कार्ड लेकर नामकुम थाना बुलाया गया था। वहां पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि जगाई मुंडा की मौत हो चुकी है। पुलिस के अनुसार जगाई मुंडा हर महीने खूंटी में रहने वाली महिला से मिलने जाता था और उसे खर्च भी देता था। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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