Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची के रहने वाले मर्चेंट नेवी के अनुभवी कैप्टन राकेश रंजन सिंह का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई। वह पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-इजराइल तनाव के बीच होर्मुज जलसंधि के पास फंसे जहाज ‘अवाना’ पर तैनात थे।
समुद्र में फंसे जहाज पर थे तैनात
जानकारी के अनुसार, कैप्टन राकेश 2 फरवरी को रांची से दुबई के लिए रवाना हुए थे और छुट्टी के बाद जहाज ‘अवाना’ पर अपनी ड्यूटी जॉइन की थी। तेल लोडिंग के बाद 1 मार्च को जहाज भारत के लिए रवाना हुआ, लेकिन क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात के कारण उसे समुद्र में ही रोक दिया गया। जहाज करीब 18–20 दिनों तक दुबई से लगभग 60 किलोमीटर दूर लंगर डाले खड़ा रहा।
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35 क्रू मेंबर के साथ फंसा था जहाज
जहाज पर कैप्टन के अलावा करीब 35 क्रू मेंबर मौजूद थे। लंबे समय तक समुद्र में फंसे रहने और तनावपूर्ण स्थिति के बीच 18 मार्च को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
समय पर इलाज नहीं मिलने से मौत
स्थिति गंभीर होने पर एयर एंबुलेंस की मांग की गई, लेकिन हालात के कारण अनुमति नहीं मिल सकी। बाद में उन्हें नाव के जरिए तट तक लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्हें हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई। फिलहाल उनका शव दुबई के शेख राशिद अस्पताल के मॉर्चरी में रखा गया है।
रांची और बिहार में शोक
कैप्टन राकेश का परिवार रांची के अरगोड़ा स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट में रहता है, जबकि उनका पैतृक घर बिहारशरीफ में है। उनके निधन की खबर से परिवार में कोहराम मच गया है। पत्नी और दो छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों ने उठाए सवाल
परिवार का कहना है कि उनकी मौत की परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। हार्ट अटैक की बात सामने आई है, लेकिन इलाज में देरी और जहाज पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
कंपनी की भूमिका पर सवाल
कैप्टन के करीबी दोस्त कैप्टन संजीव कुमार ने कहा कि यदि समय पर बेहतर मेडिकल सुविधा मिलती, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कंपनी की जिम्मेदारी तय करने और परिवार को उचित सहायता देने की मांग की है।
पार्थिव शरीर लाने की प्रक्रिया जारी
परिजनों ने सरकार से मांग की है कि पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाया जाए। जानकारी के अनुसार, शव को पहले पटना एयरपोर्ट लाया जाएगा, जिसके बाद अंतिम संस्कार बिहारशरीफ में किया जाएगा।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।