- दुर्लभ Boerhaave Syndrome के मामलों में समय पर सर्जरी और ICU देखभाल से बची जान
Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची स्थित भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल्स ने एक बड़ी चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. गौतम चंद्रा ने फूड पाइप (इसोफेगस) फटने के दो बेहद दुर्लभ और जानलेवा मामलों का सफल इलाज किया है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में Boerhaave Syndrome कहा जाता है, जो एक गंभीर सर्जिकल इमरजेंसी मानी जाती है। समय पर इलाज न मिलने पर इसमें जान का खतरा काफी बढ़ जाता है।
फरवरी में आए दो जटिल मामले
फरवरी महीने में रांची और रामगढ़ से दो पुरुष मरीज अस्पताल पहुंचे। पहला मरीज 29 वर्षीय छात्र था, जिसे आयुर्वेदिक क्लेंज़िंग प्रक्रिया के दौरान जबरन उल्टी कराने के बाद समस्या हुई। दूसरा मरीज करीब 43 वर्षीय कॉर्पोरेट प्रोफेशनल था, जिसे अत्यधिक शराब सेवन के बाद तेज उल्टी हुई। दोनों में सीने और पेट में तेज दर्द, बेचैनी जैसे लक्षण दिखे, जो आम बीमारियों जैसे लगते हैं और पहचान को कठिन बना देते हैं।
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समय पर जांच से बची जान
डॉ. गौतम चंद्रा की सतर्कता से बीमारी का संदेह हुआ। अल्ट्रासाउंड में असामान्य एयर पॉकेट्स दिखे, जबकि सीटी स्कैन से निचले फूड पाइप के फटने की पुष्टि हुई।
जटिल सर्जरी से मिला जीवन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत थोराकोएब्डोमिनल सर्जरी की गई, जिसमें छाती और पेट दोनों हिस्सों से ऑपरेशन कर फटे हिस्से को ठीक किया गया। डॉ. गौतम चंद्रा ने बताया कि यह बेहद दुर्लभ स्थिति है और यदि 24 घंटे के भीतर इलाज न मिले तो मृत्यु दर 40% तक हो सकती है।
एक मरीज ‘गोल्डन आवर’ में पहुंचा
पहला मरीज समय रहते अस्पताल पहुंच गया, जिससे उसका इलाज तुरंत संभव हुआ और उसकी रिकवरी भी तेजी से हुई।
दूसरे मरीज में बढ़ा जोखिम
दूसरा मरीज 48 घंटे बाद अस्पताल पहुंचा, जिससे स्थिति अधिक गंभीर हो गई। ऑपरेशन के बाद उसे आईसीयू में रखा गया, जहां उसे निमोनिया और फेफड़ों में संक्रमण हो गया। 5–7 दिनों तक गहन उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ।
दोनों मरीज अब स्वस्थ
डॉक्टरों की टीम और बेहतर ICU देखभाल की मदद से दोनों मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं और अपने सामान्य जीवन में लौट आए हैं।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।