Samachar Post रिपोर्टर,धनबाद :DIT में सत्र 2025-26 के नामांकन विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद JUT ने 60 छात्रों को दूसरे संस्थानों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, यह फैसला छात्रों के लिए राहत से ज्यादा परेशानी बनता दिख रहा है।
120 सीटों से शुरू हुआ विवाद
संस्थान प्रबंधन के अनुसार, AICTE और राज्य के उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग की मंजूरी के बाद इलेक्ट्रिकल विभाग में 120 सीटों पर नामांकन लिया गया था। लेकिन बाद में JUT ने केवल 60 सीटों को ही मान्यता दी, जिससे विवाद खड़ा हो गया और मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया।
यह भी पढ़ें :गुमला में गैस सिलेंडर आपूर्ति पर प्रशासन सख्त
कोर्ट का हस्तक्षेप और CBI जांच पर रोक
इस मामले में 13 जनवरी को हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया था, लेकिन 22 जनवरी को इस पर रोक लगा दी गई।
सुनवाई के दौरान सरकार ने 60 छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें अन्य संस्थानों में शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी। कोर्ट के फैसले के बाद JUT की टीम धनबाद पहुंची और 60 छात्रों को राज्य के 18 अलग-अलग संस्थानों में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। JUT के मुताबिक, यह प्रक्रिया मेरिट और छात्रों की पसंद के आधार पर की जा रही है।
दूसरे जिलों में ट्रांसफर से बढ़ी परेशानी
अधिकांश संस्थान दूसरे जिलों में होने के कारण छात्रों के सामने रहने, खाने और रोजमर्रा के खर्च का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यह स्थिति और भी कठिन बन गई है। संस्थान प्रबंधन के अनुसार, अप्रैल के पहले सप्ताह में परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। इसी वजह से ट्रांसफर प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है, ताकि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो। हालांकि फीस, हॉस्टल और अन्य सुविधाओं को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
छात्रों की नाराजगी
छात्रों का कहना है कि उन्होंने घर के पास पढ़ाई के लिए DIT में एडमिशन लिया था, लेकिन अब उन्हें दूर-दराज के जिलों में भेजा जा रहा है। इससे उनकी पढ़ाई और रहने की व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं। कई छात्र खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
JUT को सौंपा ज्ञापन, 2 अप्रैल की सुनवाई अहम
अपनी समस्याओं को लेकर छात्रों ने JUT को ज्ञापन सौंपा है। अब सभी की नजर 2 अप्रैल को हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां इस मामले में आगे का फैसला लिया जाएगा।
Reporter | Samachar Post