Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड हाईकोर्ट में रांची के जल स्रोतों पर अतिक्रमण से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। मामले में रांची के उपायुक्त की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया जा सका। इस पर सरकार ने कोर्ट से 8 सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया। सरकार ने दलील दी कि प्रमुख जलाशयों से जुड़े दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, इसलिए जवाब देने के लिए समय जरूरी है।
तीन बड़े डैम पर अतिक्रमण का मामला
सुनवाई के दौरान बताया गया कि धुर्वा डैम, कांके डैम और गेतलसूद डैम, इन डैम और उनसे जुड़े जलाशयों की जमीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण के आरोप हैं।
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एंटी करप्शन ब्यूरो की सीलबंद रिपोर्ट
सुनवाई के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की ओर से धुर्वा डैम परियोजना से जुड़े अतिक्रमण मामले में सीलबंद जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। ACB के अनुसार, 7 जनवरी 2026 के आदेश के बाद नगड़ी थाना में FIR दर्ज कर जांच जारी है।
कोर्ट ने पहले मांगी थी विस्तृत रिपोर्ट
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने उपायुक्त को निर्देश दिया था कि वे अधिग्रहित जमीन का पूरा विवरण दें, नक्शा और सर्वे नंबर प्रस्तुत करें, अतिक्रमण की स्थिति और कार्रवाई की जानकारी दें। अब सरकार द्वारा समय मांगे जाने के बाद इस मामले की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि जलाशयों से अतिक्रमण हटाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।