- समझौते के बावजूद कार्रवाई वापस नहीं लेने का आरोप, कर्मचारियों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की
Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। श्रमिक अधिकारों के हनन और कथित मनमानी कार्रवाई के खिलाफ झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने कड़ा विरोध दर्ज करते हुए राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ का आरोप है कि सेवा संचालित करने वाली संस्था “सम्मान फाउंडेशन” कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है और उनकी वैधानिक मांगों की अनदेखी की जा रही है।
13 मार्च को हुआ था प्रदर्शन
संघ के अनुसार, 13 मार्च को रांची के डोरंडा स्थित श्रम भवन में कर्मचारियों ने पीएफ, ईएसआईसी, ग्रेच्युटी और न्यूनतम मजदूरी जैसी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया था। इस दौरान कर्मचारियों ने आपातकालीन सेवा बाधित नहीं होने दी। हालांकि, प्रदर्शन के बाद कई कर्मचारियों को बिना पूर्व सूचना सेवा समाप्ति पत्र थमा दिए गए और कई को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए गए।
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बैठक में बनी थी सहमति, पालन नहीं होने का आरोप
इस मामले में 19 मार्च को संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा से मुलाकात की थी। इसके बाद 23 मार्च को एनएचएम की निगरानी में संघ और संस्था के बीच बैठक हुई। बैठक में यह सहमति बनी थी कि कर्मचारियों के जवाब मिलने के बाद सेवा समाप्ति आदेश वापस लिए जाएंगे और हटाए गए कर्मियों को बहाल किया जाएगा।लेकिन संघ का कहना है कि संस्था इस समझौते का पालन नहीं कर रही, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है।
संस्था पर गंभीर आरोप
संघ ने सम्मान फाउंडेशन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें शामिल हैं। बिना नोटिस सेवा समाप्ति और निलंबन
समझौतों की अनदेखी, ‘कारण बताओ नोटिस’ से मानसिक दबाव, ESMA कानून का डर दिखाना,अनुचित स्थानांतरण और ड्यूटी से वंचित करना। संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई वापस नहीं ली गई और समझौते लागू नहीं किए गए, तो पूरे राज्य में 108 एंबुलेंस सेवा ठप करने का निर्णय लिया जाएगा।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
संघ ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से तत्काल हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग की है। संघ की प्रमुख मांगों में सेवा समाप्ति और निलंबन वापस लेना, सभी कर्मचारियों की बहाली, श्रमिक अधिकारों का पूर्ण पालन और पूर्व समझौतों को लागू करना शामिल है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।