Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : झारखंड के जमशेदपुर शहर के साकची स्थित गुरुद्वारा बस्ती के जोन-बी इलाके में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। पिछले 24 घंटे के भीतर एक हमलावर कुत्ते ने मासूम बच्ची समेत दर्जनभर से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घटना रविवार देर शाम से सोमवार सुबह के बीच की बताई जा रही है। हमले में घायल सभी लोगों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया।
घरों में घुसकर किया हमला
स्थानीय लोगों के अनुसार, बस्ती में पहले से ही करीब आधा दर्जन आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। रविवार शाम इनमें से एक कुत्ता अचानक हमलावर हो गया और राह चलते लोगों पर हमला करने लगा। गुरुद्वारा के पास रहने वाली नूतन ने बताया कि वह घर में थीं, तभी कुत्ता अचानक उनके घर में घुस आया। जब उन्होंने उसे भगाने की कोशिश की तो उसने उन्हें काट लिया। वहीं रविवार रात यही कुत्ता बस्ती के चिंटू के घर में भी घुस गया और उन्हें भी जख्मी कर दिया।
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बचाने पहुंचे लोगों को भी काटा
स्थानीय निवासी जोगिंदर सिंह ने बताया कि कुत्ता उनकी बकरी को काट रहा था। जब वे उसे भगाने पहुंचे, तो कुत्ते ने उन पर भी हमला कर दिया। सोमवार सुबह सपना देवी अपनी बेटी मुन्नी कुमारी को स्कूल छोड़ने जा रही थीं, तभी रास्ते में उसी कुत्ते ने बच्ची को भी काट लिया। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े एक अन्य व्यक्ति को भी कुत्ते ने अपना शिकार बना लिया।
शिकायत करने जा रहे लोगों को भी दौड़ाया
लगातार हो रहे हमलों से परेशान लोग जब शिकायत करने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) कार्यालय जा रहे थे, तब भी कुत्तों ने उन्हें दौड़ा लिया। स्थानीय लोगों के विरोध और शिकायत के बाद सोमवार शाम जेएनएसी की टीम ने इलाके में कुत्ता पकड़ने का अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि टीम ने हमलावर कुत्ते को पकड़ लिया है और उसे अपने साथ ले गई है।
शहर में 35 हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते
शहर में आवारा कुत्तों और पशुओं की बढ़ती संख्या को लेकर भारत का सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का भी खास असर नहीं दिख रहा है। पशु कल्याण से जुड़े संगठनों के अनुसार, जमशेदपुर में 35 हजार से अधिक आवारा कुत्ते मौजूद हैं। समस्या से निपटने के लिए जेएनएसी ने करीब तीन वर्ष पहले डॉग शेल्टर होम बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए बारीडीह इलाके में जमीन भी चिह्नित की गई थी, जहां कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की व्यवस्था की जानी थी। हालांकि यह योजना अब तक जमीन पर नहीं उतर सकी है, जिसके कारण शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और लोगों की परेशानी भी।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।