Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा: गोपालपुर पंचायत का राय टोला आज आत्मनिर्भरता और सामुदायिक विकास का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। जिला मुख्यालय से महज 7 किलोमीटर दूर बसे इस छोटे से गांव ने आपसी सहयोग और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो बड़े शहरों के लिए भी सीख बन सकता है।
सस्ती सुविधाओं के लिए बनाया क्लब
करीब 300 की आबादी वाले इस गांव के लोगों ने बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए एक कमेटी बनाई और लगभग 3 लाख रुपये की लागत से क्लब भवन का निर्माण किया। इस क्लब के जरिए शादी-ब्याह और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सामान जैसे बर्तन, कुर्सियां, टेंट और पंडाल ग्रामीणों को बेहद कम दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है। कमेटी के अध्यक्ष नित्यानंद राय के अनुसार, जहां बाजार में एक कुर्सी का किराया 10 रुपये तक होता है, वहीं गांव में वही सुविधा सिर्फ 2 रुपये में मिल रही है। इससे ग्रामीणों का खर्च काफी कम हो गया है।
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गांव का फंड, गांव के काम
इस व्यवस्था से होने वाली आय का लगभग 1% हिस्सा समिति के फंड में जमा किया जाता है। इस फंड का उपयोग गरीब बेटियों की शादी, इलाज और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए किया जाता है। इससे गांव में सामाजिक सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है।
स्थानीय ‘बैंकिंग’ मॉडल भी बना मिसाल
सब्जी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध इस गांव ने बचत को सुरक्षित रखने का भी अनोखा तरीका अपनाया है। ग्रामीण अपनी जमा राशि बैंक के बजाय गांव के ही रिटायर्ड शिक्षक सहदेव राय के पास रखते हैं। जरूरत पड़ने पर यह राशि आसानी से मिल जाती है, जिससे समय की बचत होती है और पैसा गांव के विकास में ही लगा रहता है। गांव के लोग अब एक और अहम पहल की ओर बढ़ रहे हैं। सहदेव राय और अन्य सदस्यों के नेतृत्व में ‘नशामुक्त गांव’ अभियान शुरू करने की तैयारी चल रही है, ताकि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और स्वस्थ माहौल मिल सके।
आत्मनिर्भर भारत का जमीनी उदाहरण
गोपालपुर पंचायत का राय टोला यह साबित करता है कि एकजुटता, सहयोग और सकारात्मक सोच के साथ सीमित संसाधनों में भी बड़ा बदलाव संभव है। यह गांव आज आत्मनिर्भर भारत की सोच को जमीनी स्तर पर साकार करने का जीवंत उदाहरण बन चुका है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।