Samachar Post रिपोर्टर,गिरिडीह :गिरिडीह शहर में रामनवमी केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक भी बन गया है। शहर के बड़ा चौक पर एक मुस्लिम परिवार पिछले 40 वर्षों से रामनवमी के लिए महावीर झंडा तैयार करता आ रहा है। परिवार के दर्जी इम्तियाज बताते हैं कि यह हुनर उन्हें उनके पूर्वजों से मिला और अब वे इसे अपनी अगली पीढ़ी को भी सिखा रहे हैं। रामनवमी से पहले ही झंडा बनाने का काम शुरू हो जाता है। अलग-अलग आकार और डिज़ाइन के महावीर झंडे तैयार किए जाते हैं, जिन्हें अखाड़ा समितियां और श्रद्धालु खरीदते हैं। इम्तियाज कहते हैं कि यह काम केवल रोजगार का साधन नहीं है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की पहचान भी है। रामनवमी के अवसर पर शहर के लोग उनसे झंडे खरीदते हैं और इस परंपरा को बनाए रखने में सहयोग करते हैं।
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त्योहार और सामाजिक एकता का संदेश
गिरिडीह में यह परंपरा यह संदेश देती है कि त्योहार किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज के सभी लोगों को जोड़ते हैं। मुस्लिम परिवार की मेहनत और समर्पण हर साल रामनवमी पर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करता है।
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