Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUJ) में चीन से आए तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने डिपार्टमेंट ऑफ फार ईस्ट लैंग्वेज (चीनी) का दौरा किया। इस दौरान भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक व शैक्षणिक संबंधों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।प्रतिनिधिमंडल में जू वेई, बाई आन और ली शुयुए शामिल थे। विश्वविद्यालय पहुंचने पर छात्रों ने रंगोली, पुष्पगुच्छ और पारंपरिक वेशभूषा के साथ उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. सारंग मेढ़ेकर, डीन प्रो. अर्चना, रजिस्ट्रार के. कोसला राव, परीक्षा नियंत्रक बी.बी. मिश्रा और प्रो. मनोज कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
एक्सचेंज प्रोग्राम और रिसर्च पर चर्चा
कुलपति प्रो. सारंग मेढ़ेकर ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को वैश्विक स्तर पर सीखने और नई संस्कृतियों को समझने का अवसर देते हैं। उन्होंने भविष्य में चीन के विश्वविद्यालयों के साथ छात्र विनिमय (एक्सचेंज) कार्यक्रम और शोध सहयोग बढ़ाने की बात कही। डीन प्रो. अर्चना ने भाषा को संस्कृति को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया, जबकि रजिस्ट्रार ने छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई।
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प्रदर्शनी और फूड फेस्ट आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान चीनी कला, सुलेख और छात्रों की परियोजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही आयोजित फूड फेस्ट में छात्रों ने चीनी व्यंजन प्रस्तुत किए, जिसे मेहमानों ने खूब सराहा।
सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने पर जोर
चीनी प्रतिनिधि जू वेई ने भारत-चीन के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की जरूरत बताई और छात्रों को चीनी भाषा सीखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने सभी का मन मोह लिया। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रतिनिधिमंडल के बीच भविष्य के सहयोग और एक्सचेंज प्रोग्राम को लेकर विस्तृत चर्चा भी हुई।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।