आंजन धाम में रामनवमी की भव्य धूम, आदिवासी परंपरा और आस्था का अनोखा संगम

Meenu | March 27, 2026 | 02:09 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,गुमला :झारखंड के गुमला जिले से करीब 19 किलोमीटर दूर स्थित आंजन धाम में रामनवमी के अवसर पर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। भगवान हनुमान की जन्मस्थली माने जाने वाले इस पवित्र स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है और पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा हुआ है। रामनवमी के मौके पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने माता अंजनी और बाल हनुमान की पूजा कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। हर साल की तरह इस बार भी आंजन धाम में भव्य मेले का आयोजन किया गया है। यहां भंडारे में हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

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आदिवासी परंपरा की खास झलक

इस आयोजन की सबसे खास बात आदिवासी समाज की भागीदारी है। आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों लोग पारंपरिक वेशभूषा और हथियारों के साथ महावीर झंडा लेकर यहां पहुंचते हैं। यह दृश्य आस्था और संस्कृति के अनोखे संगम को दर्शाता है। चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां नौ दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम चलते हैं। अष्टमी की रात हजारों दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया जाता है, जबकि नवमी के दिन 24 घंटे का हरि कीर्तन और विशेष पूजा-अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।

पौराणिक महत्व

मान्यता है कि आंजन धाम की गुफा में ही भगवान हनुमान का जन्म हुआ था और माता अंजनी यहीं निवास करती थीं। पहाड़ी पर स्थित यह प्राचीन मंदिर आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। रामनवमी और महावीर जयंती के अवसर पर यहां झारखंड ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।

प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आस्था का केंद्र

पहाड़ों और घने जंगलों से घिरा आंजन धाम न केवल धार्मिक बल्कि प्राकृतिक दृष्टि से भी बेहद आकर्षक स्थल है। यहां आने वाले लोगों को शांति और आध्यात्मिक सुकून का अनुभव होता है।

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