Samachar Post रिपोर्टर, रांची : केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को केरल का नाम बदलकर आधिकारिक तौर पर ‘केरलम’ करने की मंजूरी दे दी। यह फैसला अप्रैल–मई 2026 में होने वाले केरल विधानसभा चुनावों से पहले लिया गया।
केरल विधानसभा ने पहले भी दी थी सहमति
केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को एकमत से प्रस्ताव पास कर राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के लिए केंद्र से अनुरोध किया था। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ तकनीकी बदलावों के सुझाव दिए। तकनीकी बदलावों को शामिल कर केरल विधानसभा ने प्रस्ताव दूसरी बार पास किया और मंगलवार को यूनियन कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी।
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सीएम विजयन का जोर: मलयालम में ‘केरलम’
इस प्रस्ताव को पेश करने वाले मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन चाहते थे कि संविधान के आठवें शेड्यूल में भी राज्य का नाम केरलम दर्ज किया जाए। विजयन ने कहा कि राज्य को मलयालम में हमेशा ‘केरलम’ कहा जाता रहा है। मलयालम भाषी समुदाय ने स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही एक संयुक्त केरल बनाने की मांग की थी। संविधान के पहले शेड्यूल में अब तक राज्य का नाम केरल ही दर्ज था।
टेक्निकल बदलाव और मंजूरी
सदन ने अगस्त 2023 में भी इसी तरह का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया था। गृह मंत्रालय के सुझावों के बाद इसे संशोधित किया गया और अब केंद्रीय कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी।
अब आधिकारिक रूप से ‘केरलम’
इस फैसले के बाद राज्य का नया नाम ‘केरलम’ होगा। यह कदम राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को मान्यता देता है। केरलवासियों के लिए यह गौरव और आत्म-सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।