- चेन्नई में आयोजित ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस DEW’26 में मिला सम्मान, झारखंड-बिहार क्षेत्र से पहली बार किसी विशेषज्ञ को मिली जिम्मेदारी
Samachar Post रिपोर्टर, रांची :राजधानी रांची के जाने-माने गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. जयंत घोष को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। चेन्नई में आयोजित ऑल इंडिया गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉन्फ्रेंस DEW’26 के दौरान उन्हें पैन इंडिया गैस्ट्रोएंटरोलॉजी स्टडी ग्रुप का सदस्य चुना गया है। यह झारखंड और बिहार क्षेत्र के लिए गर्व की बात मानी जा रही है, क्योंकि इस क्षेत्र से पहली बार किसी डॉक्टर को इस प्रतिष्ठित अध्ययन समूह में शामिल किया गया है।
देशभर में गैस्ट्रो बीमारियों पर होगा अध्ययन
इस स्टडी ग्रुप के तहत भारत की आबादी में होने वाली विभिन्न गैस्ट्रोएंटरोलॉजिकल बीमारियों पर व्यापक रिसर्च की जाएगी। इसके माध्यम से पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के कारण, पैटर्न और उपचार के बेहतर विकल्पों पर वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। यह अध्ययन देश के अलग-अलग क्षेत्रों में किया जाएगा ताकि क्षेत्रीय स्वास्थ्य स्थितियों को भी समझा जा सके।
झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी
डॉ. जयंत घोष को विशेष रूप से झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ क्षेत्र में अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे इन राज्यों में गैस्ट्रो से जुड़ी बीमारियों के मामलों, मरीजों की स्थिति और उपचार व्यवस्था से संबंधित आंकड़े एकत्र कर अध्ययन समूह के साथ साझा करेंगे। इस रिसर्च से भविष्य में बेहतर उपचार नीति बनाने में मदद मिलेगी।
क्षेत्र के लिए गौरव की बात
डॉ. घोष के चयन को चिकित्सा जगत में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पूर्वी भारत के मरीजों की समस्याएं राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर तरीके से सामने आ सकेंगी। साथ ही इस क्षेत्र में गैस्ट्रो रोगों पर रिसर्च को भी नई दिशा मिलेगी। डॉ. जयंत घोष ने इस उपलब्धि को अपने लिए सम्मान के साथ-साथ जिम्मेदारी भी बताया। उन्होंने कहा कि इस अध्ययन के माध्यम से देश के साथ-साथ पूर्वी भारत के लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आएंगी, जिससे इलाज की बेहतर रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।
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