Samachar Post रिपोर्टर,चतरा :झारखंड के चतरा में हुए दर्दनाक एयर एंबुलेंस हादसे के बाद मंगलवार सुबह सभी सात मृतकों के शव सदर अस्पताल लाए गए। जैसे ही एंबुलेंस अस्पताल परिसर में पहुंची, माहौल गमगीन हो गया। परिजनों की चीख-पुकार से पूरा परिसर दहल उठा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे। हर आंख नम थी।
पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल टीम गठित
प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए विशेष मेडिकल टीम का गठन किया है। प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी की मौजूदगी में सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। अस्पताल परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। इस भीषण हादसे में कुल सात लोगों की मौत हुई है, जिनमें शामिल हैं पायलट, सह-पायलट, एक चिकित्सक, मेडिकल कर्मी, मरीज, मरीज की पत्नी। मृतकों में डॉक्टर विकास कुमार भी शामिल हैं, जो बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के मैनका गांव के रहने वाले थे। उनकी शुरुआती पढ़ाई चतरा में हुई थी। खबर मिलते ही उनके गांव और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। लोग उन्हें मिलनसार और समर्पित चिकित्सक के रूप में याद कर रहे हैं।
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शॉर्ट सर्किट में झुलसने के बाद दिल्ली ले जाया जा रहा था मरीज
हादसे में संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना कुमारी और भतीजा ध्रुव कुमार की भी जान चली गई। संजय कुमार लातेहार जिले के चंदवा के निवासी थे और डाल्टनगंज के सतबरवा में होटल व्यवसाय चलाते थे। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट में झुलसने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। इसी दौरान विमान हादसे का शिकार हो गया। परिवार बेहतर उपचार की उम्मीद में निकला था, लेकिन रास्ते में ही त्रासदी ने सब कुछ छीन लिया।
पूरे इलाके में मातम
जैसे-जैसे मृतकों की पहचान सामने आ रही है, अलग-अलग जिलों में शोक की लहर फैलती जा रही है। गांवों और कस्बों में लोगों का तांता लगा है। हर कोई इस हादसे को कई परिवारों की खुशियां छीन लेने वाली त्रासदी बता रहा है। फिलहाल प्रशासन हादसे की जांच में जुटा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में गम का माहौल बना हुआ है।
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