Samachar Post रिपोर्टर, चतरा : झारखंड का प्रसिद्ध तमासिन जलप्रपात, जिसे इसकी दूधिया धारा के कारण लोग ‘मिल्क फॉल’ भी कहते हैं, एक बार फिर सैलानियों की भीड़ से सराबोर होने वाला है। घने जंगलों के बीच बसे इस खूबसूरत जलप्रपात की लोकप्रियता सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं, बल्कि बिहार और बंगाल से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। खासकर नए साल, मकर संक्रांति और त्योहारों के दौरान यहां भारी रौनक देखने को मिलती है।
खूबसूरती में छिपा खतरा
सफेद, फिसलन भरी चट्टानों से बहता यह झरना जितना मनोहारी है, उतना ही खतरनाक भी। हर साल कई सैलानी फोटो या सेल्फी लेते समय फिसलकर गहरे पानी में गिर जाते हैं। यही कारण है कि प्रशासन ने इस इलाके को डेंजर ज़ोन घोषित कर रखा है।
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सुरक्षा व्यवस्था अब भी कमजोर
भीड़ बढ़ने के दिनों में भी यहां न तो गोताखोरों की टीम मौजूद रहती है और न ही पुलिस या एनडीआरएफ की विशेष तैनाती दिखाई देती है। सरकार ने तमासिन जलप्रपात को भद्रकाली और मां कालेश्वरी मंदिर के साथ एक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अब भी जस की तस है।
पिकनिक स्पॉट, लेकिन सुविधाओं की कमी
लगभग 316 सीढ़ियों के जरिए नीचे उतरकर इस प्रपात तक पहुंचा जा सकता है। पिकनिक और वन भोज के लिए यहां काफी खुली जगह है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और अन्य सुविधाओं के अभाव के कारण पर्यटकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी अनोखा
मान्यता है कि यह स्थान कभी महान ऋषि मातंग का तपोस्थल था। पास ही स्थित गुफा में तामसी देवी (तमसा देवी) का प्राचीन मंदिर है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं। मकर संक्रांति पर यहां पवित्र स्नान की परंपरा है और भक्त मानते हैं कि देवी की पूजा से तमोगुण का नाश होता है तथा मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कई श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर यहां बलि भी चढ़ाते हैं।
प्रशासन की अपील और विकास की तैयारी
चतरा के डीडीसी अमरेंद्र कुमार सिन्हा ने लोगों से अपील की है कि वे फिसलन भरी और जोखिम भरी जगहों पर जाने से बचें तथा जलप्रपात के गहरे क्षेत्रों में भीड़ न लगाएं। उन्होंने बताया कि तमासिन जलप्रपात के विकास को लेकर DMFT और पर्यटन विभाग की मदद से एक टूरिज्म सेल तैयार किया गया है। आने वाले दिनों में इस स्थल को झारखंड के प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।