Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी ने मंगलवार को रांची स्थित RIMS अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। दौरे के दौरान उन्होंने अस्पताल की कई व्यवस्थाओं की समीक्षा की और खुद ओपीडी में बैठकर मरीजों का इलाज भी किया। मंत्री के अचानक पहुंचने से अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई।
प्राइवेट प्रैक्टिस पर सख्त रुख: “सरकारी नौकरी चाहिए तो नियम मानने होंगे”
निरीक्षण के दौरान डॉ. अंसारी ने सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर सख्त टिप्पणी की। उन्होंने स्पष्ट कहा, अगर कोई डॉक्टर सरकारी नौकरी में रहते हुए प्राइवेट क्लिनिक चलाना चाहता है, तो पहले सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे। सिस्टम को कमजोर करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी सेवा में रहते हुए बाहरी प्रैक्टिस पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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एक्सपायरी दवाइयां, आउटसोर्सिंग और एंबुलेंस पर भी तीखी नाराजगी
दौरे में मंत्री ने अस्पताल में एक्सपायरी दवाइयों, आउटसोर्सिंग कंपनियों की लापरवाही, खराब एंबुलेंस सेवाओं को लेकर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, ईमानदारी से काम करने वालों के साथ मैं खड़ा हूं, लेकिन गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
हर हफ्ते किसी न किसी जिले में बैठेंगे OPD में
डॉ. अंसारी ने घोषणा की कि अब वे हर सप्ताह किसी जिले में OPD में बैठकर डॉक्टरों की ड्यूटी और अस्पताल की स्थिति का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने अस्पताल की दवा उपलब्धता, ब्लड सैंपल, लैब व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की जांच की तथा कमियों को तुरंत दूर करने का निर्देश दिया।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।