Samachar Post रिपोर्टर,जमशेदपुर :जमशेदपुर में आयोजित चतुर्थ बाल मेला के दौरान बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम में न्यायपालिका, समाजसेवा और विधि विशेषज्ञों ने बच्चों के अधिकार, सुरक्षा और शिक्षा पर गंभीर चर्चा की।
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बच्चे देश का भविष्य, नैतिक शिक्षा अनिवार्य हो- पूर्व न्यायाधीश एस.एन. पाठक
झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एस.एन. पाठक ने कहा बच्चों की नींव मजबूत करना ही देश का भविष्य सुरक्षित करेगा।नैतिक शिक्षा (Moral Science) को स्कूलों में अनिवार्य बनाना चाहिए। बाल श्रम पर रोक लगाने में सरकारी तंत्र की कमजोरियां स्पष्ट दिखती हैं। कानून की जानकारी का अभाव हिंसा और अपराध बढ़ने की वजह है। संविधान और कानूनी प्रावधानों का प्रचार-प्रसार जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।
मोबाइल की दुनिया में सिमटता बचपन- शिक्षा के अधिकार पर चर्चा
वक्ता चंद्रदीप पांडेय ने कहा मोबाइल ने बच्चों का बचपन सीमित कर दिया है। RTE Act 2009 के बाद 6–14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा देना राज्य की जिम्मेदारी है। शिक्षक–छात्र अनुपात, खेल मैदान और शौचालय जैसे मानक अब केंद्र में हैं। शिक्षा को समान और समावेशी बनाना जरूरी है।
बाल सुरक्षा कानूनों की जानकारी जरूरी- विशेषज्ञ
संगोष्ठी में वक्ताओं ने जेजे एक्ट, पॉक्सो एक्ट और बाल श्रम कानून पर विस्तृत चर्चा की। बच्चों के विरुद्ध अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। कठोर कानून मौजूद हैं, लेकिन जनमानस को इनकी जानकारी कम है। 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम कराना गैरकानूनी है। नशे की लत से बच्चे तेजी से प्रभावित हो रहे हैं। हर बस्ती में ड्रग्स की पहुंच बेहद चिंताजनक है।
समाज बच्चों को महत्व नहीं देता, कानून और समाज में दूरी- प्रभा जायसवाल
आदर्श सेवा संस्थान की प्रभा जायसवाल ने कहा बच्चों को समाज में महत्व नहीं मिल रहा है। कुपोषण, बाल विवाह और शहरी झुग्गियां बड़ी चुनौतियां हैं। जेजे एक्ट बच्चों की अंतिम सुरक्षा दीवार है। बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए जमीनी प्रयास जरूरी है।
बच्चों को कानून की जानकारी देना भी जरूरी: अधिवक्ता अनिल कुमार
उन्होंने कहा कि बच्चे नहीं जानते कि शोषण या दुराचार की स्थिति में क्या करें। पॉक्सो एक्ट में बच्चों की पहचान गोपनीय रखने का प्रावधान है। RTI और संविधान के अनुच्छेद बच्चों के हित में कई सुरक्षा प्रदान करते हैं।
जमशेदपुर को चाइल्ड-फ्रेंडली डिस्ट्रिक्ट बनाना होगा
सामाजिक कार्यकर्ता संजय मिश्रा ने कहा पॉक्सो एक्ट को संवेदनशील तरीके से लागू करना जरूरी है। 34 सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुंचना चाहिए। परिवार को केंद्र में रखकर काम करने से समस्याएं कम होंगी। जमशेदपुर को चाइल्ड-फ्रेंडली जिला बनाने का लक्ष्य तय करना चाहिए।
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