Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड किसान महासभा ने आज रांची प्रेस क्लब में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन और प्रेस वार्ता का आयोजन किया। सम्मेलन की अध्यक्षता महासभा के अध्यक्ष राजू महतो ने की, जिसमें राज्य भर से आए किसानों ने हिस्सा लिया और अपनी प्रमुख समस्याओं को साझा किया।
अध्यक्ष राजू महतो ने कहा कि झारखंड की लगभग 80% आबादी कृषि पर निर्भर है, लेकिन राज्य बजट का केवल 4-5% हिस्सा कृषि के लिए आवंटित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस राशि का सही उपयोग नहीं होता और योजनाओं में पैसों की बंदरबांट होती है।
यूरिया की किल्लत और कालाबाजारी पर चिंता व्यक्त
महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज राय ने यूरिया की कमी और कालाबाजारी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि किसानों को ₹266 प्रति बोरी यूरिया मिलने के बावजूद उन्हें ₹500-₹600 में खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य में सिंदरी के 1.30 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाले उर्वरक कारखाने के बावजूद इस समस्या का उल्लेख किया और चेतावनी दी कि किसान अब मनमानी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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धान खरीद प्रक्रिया पर सवाल
केंद्रीय महासचिव उपेंद्र गुरु ने धान खरीद प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब फसल दिसंबर में तैयार हो जाती है, तो पैक्स फरवरी-मार्च में क्यों खोले जाते हैं? राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में ₹800 कम है और भुगतान में महीनों लगते हैं। उन्होंने समय पर धान खरीद और भुगतान की मांग की।
किसानों की संयुक्त मांग
सम्मेलन में उपस्थित किसानों ने एक स्वर में कहा कि वे अब किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने जोर दिया कि कृषि योजनाएं किसानों की जरूरतों और सहमति के अनुसार बनाई जानी चाहिए, न कि कुछ लोगों की मिलीभगत से।
किसान बचाओ यात्रा की घोषणा
सम्मेलन के अंत में अध्यक्ष श्री राजू महतो ने घोषणा की कि किसानों के हितों की रक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए झारखंड किसान महासभा जल्द राज्यभर में “किसान बचाओ यात्रा” शुरू करेगी। यह यात्रा प्रत्येक गांव तक पहुंचेगी और किसानों को योजनाओं और उनके पैसों की जानकारी सुनिश्चित करेगी।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।