झारखंड में तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में येलो और ऑरेंज चेतावनी

Meenu | August 14, 2026 | 10:26 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र का असर झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। राज्य में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

14 अगस्त को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को रांची, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश के साथ वज्रपात की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

15, 16 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 15 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। रांची समेत राज्य के अन्य हिस्सों में भी बादल छाए रहने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। बारिश का असर 16 अगस्त को भी जारी रहने की संभावना है। इस दिन गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। रांची समेत अन्य जिलों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

खूंटी में सबसे ज्यादा 52 मिमी बारिश

गुरुवार को झारखंड में सबसे अधिक 52 मिमी बारिश खूंटी में दर्ज की गई। राजधानी रांची में 12 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। रांची में देर रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इसी बीच लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के चीरो गांव में वज्रपात की एक दर्दनाक घटना सामने आई। धनरोपनी के लिए खेत गई 25 वर्षीय कलतिया देवी की बिजली गिरने से मौत हो गई। वह अकलू गंझू की पत्नी थीं।

झारखंड में सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश

राज्य में अब तक कुल बारिश सामान्य से 21 फीसदी कम दर्ज की गई है। रांची में भी बारिश की कमी करीब 10 फीसदी बनी हुई है। हालांकि पश्चिमी सिंहभूम की स्थिति अलग है। यहां अब तक सामान्य से 26 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। भारी बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचना चाहिए।

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