Samachar Post डेस्क, रांची :रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 4–5 दिसंबर को दो दिवसीय भारत दौरे पर आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने उनकी यात्रा की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। यह दौरा खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन की पहली भारत यात्रा होगी।
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23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल
पुतिन इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन का स्वागत करेंगी और राष्ट्रपति भवन में उनके सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन होगा।
रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर होगी अहम चर्चा
सूत्रों के अनुसार, इस दौरे में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है, जिनमें शामिल हैं रक्षा सहयोग, ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी, तकनीकी सहयोग, रणनीतिक और व्यापारिक संबंध, क्रूड ऑयल सप्लाई डील, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर चर्चा की संभावना है।
S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर भी हो सकती है बातचीत
खबर है कि दोनों देशों के बीच अतिरिक्त S-400 वायु रक्षा प्रणाली खरीदने पर चर्चा हो सकती है। भारत ने 2018 में S-400 की 5 यूनिट खरीदने का समझौता किया था, जिनमें 3 यूनिट की आपूर्ति हो चुकी है। शेष 2 यूनिट 2026 तक मिलने की उम्मीद है।
कूटनीतिक रूप से बेहद अहम दौरा
विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन की यह यात्रा भारत–रूस रिश्तों की समीक्षा करने और भविष्य की रणनीति तय करने के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण होगी।
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