Samachar Post रिपोर्टर, रांची :रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। सहायक जेलर दिनेश कुमार वर्मा को महज एक सप्ताह के भीतर यहां से हटा कर धनबाद सहायक जेलर के पद पर स्थानांतरित कर दिया गया है। उनकी जगह गुमला में पदास्थापित लव कुश कुमार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा का नया सहायक जेलर बनाया गया है।
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निलंबन से वापसी के बाद फिर ट्रांसफर
गौरतलब है कि 6 अक्टूबर 2025 को ही दिनेश वर्मा को निलंबन से मुक्त कर रांची जेल में पदस्थापित किया गया था। लेकिन कार्यभार संभालने के एक सप्ताह से पहले ही उन्हें फिर से स्थानांतरित कर दिया गया। इससे जेल प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।
वायरल वीडियो के बाद हुई थी बड़ी कार्रवाई
बीते दिनों बिरसा मुंडा जेल से एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें शराब घोटाले के आरोपी विधु गुप्ता और GST घोटाले के आरोपी विक्की भलोटिया जेल परिसर में डांस करते हुए दिखे थे। इसके बाद तत्कालीन सहायक जेलर देवनाथ राम और जमादार विनोद कुमार यादव को गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसके बाद दिनेश वर्मा को उनकी जगह लाया गया था, लेकिन अब उन्हें भी हटा दिया गया है।
झारखंड की जेलों में नहीं हैं नियमित जेलर
यह भी एक गंभीर प्रशासनिक चिंता का विषय है कि झारखंड के किसी भी केंद्रीय कारा में नियमित जेलर की नियुक्ति नहीं है।जिन जेलों में जेलर का पद खाली है उनमें शामिल हैं रांची (बिरसा मुंडा), हजारीबाग, घाघीडीह, देवघर, दुमका, डालटनगंज।इतना ही नहीं, रांची, देवघर सहित कई जेलों में अधीक्षक का पद भी खाली है। अधिकांश जेलों में यह पद ADM लॉ एंड ऑर्डर के प्रभार में चल रहा है।
अति संवेदनशील जेल, फिर भी स्थायी प्रशासन नहीं
बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा राज्य की सबसे संवेदनशील जेलों में से एक है, जहां IAS अधिकारी, बड़े घोटालों के आरोपी, हाई-प्रोफाइल कैदी बंद हैं। इसके बावजूद यहां स्थायी जेल अधीक्षक और जेलर की नियुक्ति न होना प्रशासनिक चूक पर सवाल खड़े करता है।
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