Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में लंबे समय से अटके नगर निगम और नगर निकाय चुनाव को लेकर दायर अवमानना याचिका पर हाई कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने ट्रिपल टेस्ट की रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दी है। आयोग द्वारा कुछ अतिरिक्त बिंदुओ जैसे सीटों का आरक्षण, जनसंख्या सूची आदि संबंधी जानकारी मांगी गई है, जिसे जल्द ही आयोग को उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद चुनाव की अधिसूचना जारी की जा सकेगी। वहीं राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से बताया गया कि सरकार की ओर से अभी तक सीटों के आरक्षण की पूरी और अनुशंसित सूची आयोग को नहीं भेजी गई है। सूची प्राप्त होने के बाद आयोग चुनाव करवाने की तैयारी में जुटेगा। आयोग ने चुनाव कराने के लिए लगभग तीन महीने का समय आवश्यक बताया। कोर्ट ने अगली सुनवाई 24 नवंबर को निर्धारित करते हुए आयोग से राज्य में नगर निगम और नगर निकाय चुनाव कराने की संभावित तिथि प्रस्तुत करने को कहा है। सुनवाई न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत में हुई। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह और राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने पक्ष रखा।
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2020 से नहीं हुए नगर निकाय चुनाव
प्रार्थी रौशनी खलखो और रीना कुमारी ने अवमानना याचिका दायर कर नगर निकाय चुनाव कराने के पूर्व आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि जून 2020 से राज्य के 12 शहरी निकायों में चुनाव नहीं हुए हैं। कई नगर निगम बिना चुनाव के संचालित हो रहे हैं। 27 अप्रैल 2023 के बाद से अब तक कोई भी नगर निकाय चुनाव नहीं हुआ है। इससे पूर्व कोर्ट ने 4 जनवरी 2024 को तीन सप्ताह के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया था, जिसका अनुपालन नहीं हुआ।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।