- घाटों पर उमड़ा आस्था और श्रद्धा का सैलाब
Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरखाई नदियों के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सूर्योदय से पहले ही हजारों भक्त परिवार सहित स्नान और पूजा-अर्चना के लिए घाटों पर पहुंच गए। साकची, भालुबासा, सोनारी, कदमा, सीतारामडेरा और बारी समेत आसपास के इलाकों से लोग श्रद्धा भाव से पहुंचे।
भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना और दीपदान
श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीहरि विष्णु और श्रीजगन्नाथ महाप्रभु की आराधना के साथ पवित्र स्नान किया। घाटों पर ‘हरि-हरि बोल’ और ‘जय श्रीहरि’ के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। स्नान के बाद भक्तों ने व्रत-पूजा कर मोक्ष की कामना की और दान-दक्षिणा, अन्न एवं वस्त्र वितरण किया। महिलाओं ने दीपदान कर परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। नदी तटों पर जल में प्रवाहित दीपों से पूरा घाट दीपमालाओं से जगमगा उठा।
सामाजिक संस्थाओं और युवाओं की सेवा भावना
कार्तिक पूर्णिमा पर कई सामाजिक संस्थाओं ने सेवा शिविर लगाए। श्रद्धालुओं को चाय, प्रसाद और पीने का पानी उपलब्ध कराया गया। युवाओं ने वृद्धों और महिलाओं की सहायता की, वहीं स्वयंसेवी संगठनों ने घाटों की सफाई में भागीदारी निभाई।
यह भी पढ़ें: पलामू में अवैध बालू उठाव के दौरान हादसा, मजदूर की मौत
प्रशासन की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन ने आयोजन के दौरान सुरक्षा और स्वच्छता के विशेष इंतजाम किए। घाटों पर पुलिस बल, होमगार्ड, महिला सुरक्षा कर्मी और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहीं। नगर निगम ने घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था और कचरा निस्तारण सुनिश्चित किया।
धार्मिक मान्यता और आस्था का महत्व
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान श्रीहरि विष्णु ने मत्स्य अवतार धारण किया था। इस दिन स्नान, दान और दीपदान से पापों का नाश होता है और विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। आस्था, सेवा और भक्ति के इस संगम ने बुधवार को पूरा जमशेदपुर आस्था के रंग में रंग दिया।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।