Samachar Post डेस्क, रांची : झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा विवाद को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है। परीक्षा में कथित धांधली और उसकी जांच को लेकर चल रहे विवाद के बीच JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने सफल अभ्यर्थियों के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में मंच ने मीडिया से अपील की कि सफल अभ्यर्थियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनसे कुछ महत्वपूर्ण सवालों पर जवाब मांगा जाए। मंच का कहना है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई और गिरफ्तारियों के बाद कई नए तथ्य सामने आए हैं, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
CID जांच और गिरफ्तारियों पर उठाए सवाल
रिफॉर्म मंच ने पूछा है कि जब शुरुआत में सफल अभ्यर्थी खुद को पूरी तरह से “जेनुइन” बताते हुए पेपर लीक के आरोपों को खारिज कर रहे थे, तो अब CID जांच में पेपर लीक और गिरफ्तारियों के तथ्य कैसे सामने आ रहे हैं। मंच ने यह भी जानना चाहा कि चयनित अभ्यर्थियों का इस पर क्या पक्ष है।
अंक जारी नहीं हुए, फिर कैसे तय हुआ कौन फेल?
मंच ने सवाल उठाया कि JSSC की ओर से अब तक अभ्यर्थियों के अंक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। ऐसे में सफल अभ्यर्थियों को यह कैसे पता चल गया कि धांधली के आरोप लगाने वाले उम्मीदवार पेपर-1 में असफल रहे थे। रिफॉर्म मंच ने कहा कि यदि सफल अभ्यर्थी खुद को पूरी तरह सही मानते हैं तो वे हाईकोर्ट में जाकर CBI जांच की मांग क्यों नहीं करते। मंच के अनुसार, इससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो सकेगी और विवाद भी समाप्त होगा।

नेपाल कनेक्शन और केस डायरी का जिक्र
प्रेस विज्ञप्ति में CID की केस डायरी का हवाला देते हुए कहा गया कि जांच में परीक्षा से पहले प्रश्नों के उत्तर नेपाल में होने की बात सामने आई है। मंच ने सवाल किया कि यदि परीक्षा एजेंसी के पास प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध थे तो उत्तरों का प्रसार किस तरह हुआ और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
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पारदर्शिता की मांग
रिफॉर्म मंच ने आरोप लगाया कि परीक्षा एजेंसी और कुछ अभ्यर्थियों को लेकर लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। ऐसे में यह दावा कैसे किया जा सकता है कि कथित धांधली सीमित स्तर पर हुई थी। मंच ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए इन सवालों के स्पष्ट जवाब जरूरी हैं। मंच का कहना है कि पूरे मामले में जनता और अभ्यर्थी सच्चाई जानना चाहते हैं, ताकि भर्ती प्रक्रिया पर विश्वास कायम रह सके और योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिल सके।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।


