झारखंड विधानसभा मानसून सत्र: ₹8,399 करोड़ का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पास, JAC जांच की मांग भी उठी

Meenu | August 10, 2026 | 04:42 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सोमवार को दूसरी पाली में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार का पहला अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित हो गया। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान केंद्र से मिलने वाली राशि को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष सदन में मौजूद होता तो उससे पूछा जाता कि केंद्र झारखंड के साथ कथित तौर पर सौतेला व्यवहार क्यों कर रहा है। वित्त मंत्री के मुताबिक झारखंड को केंद्रीय करों की अनुदान राशि में 0.73 फीसदी हिस्सा मिला है।

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झारखंड को ₹3,660 करोड़ मिलने का दावा

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विभिन्न राज्यों को मिली केंद्रीय राशि का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बिहार को ₹10,845 करोड़, मध्य प्रदेश को ₹8,010 करोड़, महाराष्ट्र को ₹7,022 करोड़ और उत्तर प्रदेश को ₹19,208 करोड़ मिले हैं। उनके अनुसार, झारखंड को इस मद में ₹3,660 करोड़ मिले हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने झारखंड के वित्तीय प्रबंधन की सराहना की है और राज्य की वित्तीय स्थिति एवं प्रबंधन मजबूत है।

ग्रामीण विकास के लिए सबसे ज्यादा ₹4,258.67 करोड़

अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। विभागवार प्रावधान की बात करें तो ग्रामीण विकास विभाग के लिए ₹4,258.67 करोड़ का सबसे बड़ा प्रावधान किया गया है। वहीं राजभाषा विभाग के लिए ₹0.01 करोड़ यानी ₹1 लाख का प्रावधान किया गया है।

‘विपक्ष को लोकतंत्र में विश्वास नहीं’: अनंत प्रताप देव

विधायक अनंत प्रताप देव ने गढ़वा में कम बारिश का मुद्दा उठाते हुए जिले को अकालग्रस्त घोषित करने की मांग की। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष को लोकतंत्र में विश्वास नहीं है और भाजपा मीडिया के माध्यम से सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।

‘विपक्ष को झारखंड के बच्चों से लेना-देना नहीं’: राजेश कच्छप

राजेश कच्छप ने छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की लड़ाई का राजनीतिकरण किया जा रहा है और पूरे मामले को सत्ता बनाम विपक्ष की लड़ाई के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने अनुपूरक बजट के जरिए सड़कों के विकास के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। सुरेश पासवान ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के लोग केवल नकारात्मक बातें करते हैं। उन्होंने सरकार के कामकाज और बजट के मुद्दे पर अपनी बात सदन में रखी।

अरूप चटर्जी और जयराम महतो ने JAC जांच की मांग उठाई

विधायक अरूप चटर्जी ने TET पास शिक्षकों की सीधी बहाली की मांग की। उन्होंने सहिया समेत अन्य कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग भी उठाई। अरूप चटर्जी ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की। डुमरी विधायक जयराम महतो ने JSSC-CGL परीक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मास्टरमाइंड बताए जा रहे अभय तिवारी के जरिए चयनित करीब 400 अभ्यर्थियों का चयन रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि JPSC की पहली और दूसरी परीक्षा से जुड़े मामलों में CBI ने अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अब तक स्वीकृति नहीं दी गई है।

TDPL से हुई परीक्षाओं को रद्द करने की मांग

जयराम महतो ने मांग की कि TDPL के जरिए आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें रद्द किया जाए। उन्होंने छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज की जांच की मांग भी विधानसभा में उठाई। विधानसभा के मानसून सत्र में एक ओर अनुपूरक बजट पारित हुआ, वहीं दूसरी ओर JPSC-JSSC परीक्षाओं, छात्र आंदोलन, JAC और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी नेताओं के बीच बयानबाजी जारी रही।

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