झारखंड विधानसभा मानसून सत्र: स्पीकर बोले- ‘सवाल कर सदन में नहीं आना संसदीय व्यवस्था में अच्छी प्रणाली नहीं’

Meenu | August 10, 2026 | 04:23 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सोमवार को विपक्षी विधायक सदन में मौजूद नहीं रहे। विपक्ष की गैरमौजूदगी पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि सवाल पूछकर सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होना संसदीय व्यवस्था की अच्छी प्रणाली नहीं है। इस दौरान JSSC-CGL और JPSC से जुड़े मामलों को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा हुई। विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगों पर सरकार सहमत हो चुकी है। उन्होंने JSSC-CGL मामले में न्यायालय के माध्यम से रास्ता निकालने की बात कही।

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‘कुछ लोग आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे’

अरूप चटर्जी ने कहा कि कुछ उपद्रवी तत्व छात्रों के आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को चिन्हित करने और पूरे मामले की जानकारी सदन के सामने रखने की मांग की। उन्होंने JSSC-CGL मामले को लेकर छात्रों की मांगों पर भी चर्चा की और सरकार से आगे की कार्रवाई को स्पष्ट करने की बात कही।

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने 14वीं JPSC का किया जिक्र

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सदन में कहा कि पूरा मामला 14वीं JPSC से संबंधित है। उनके अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद सरकार ने तत्काल CID जांच का आदेश दिया था। मंत्री ने कहा कि JPSC अध्यक्ष से इस्तीफा लिया गया और मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी सामने आने के बाद छात्रों ने आंदोलन शुरू किया।

5 अगस्त को गठित हुई उच्चस्तरीय कमेटी

सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर 5 अगस्त को मंत्रियों की उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने छात्र प्रतिनिधियों के साथ लगातार बातचीत की। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान मुख्य रूप से तीन मुद्दे सामने आए जांच, परीक्षा रद्द करना और परीक्षा व्यवस्था में सुधार। मंत्री के अनुसार, सरकार इन मुद्दों पर कार्रवाई कर रही है और छात्रों की मांगों को लेकर बातचीत का सिलसिला जारी रहा।

वित्तीय लेनदेन की जांच पर भी सहमति

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार JPSC मामले की CID जांच करा रही है। वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों में ED से जांच कराने पर भी सरकार ने सहमति दी है। उन्होंने कहा कि 14वीं JPSC समेत बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर भी सरकार ने सहमति दी है। इसके अलावा TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने पर भी सहमति की बात मंत्री ने सदन में कही।

विपक्ष की गैरमौजूदगी पर स्पीकर की टिप्पणी

सदन में विपक्ष की अनुपस्थिति के बीच विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि सवाल पूछकर सदन में नहीं आना संसदीय व्यवस्था के लिहाज से उचित प्रणाली नहीं है। मानसून सत्र के दौरान JPSC-JSSC परीक्षाओं और छात्रों के आंदोलन का मुद्दा सदन के भीतर भी प्रमुखता से उठा। वहीं, सदन के बाहर छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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