पाकुड़ के जर्जर स्कूल भवनों को लेकर बड़ा फैसला, जल्द होगा कायाकल्प

Rupa Kumari | August 29, 2025 | 03:05 PM IST
  • बच्चों को मिलेगा सुरक्षित माहौल

Samachar Post डेस्क, रांची : पाकुड़ जिले के स्कूली बच्चों के लिए राहत भरी खबर आई है। लंबे समय से जर्जर और खस्ताहाल भवनों में पढ़ाई कर रहे बच्चों को अब जल्द ही बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा। शिक्षा विभाग ने ऐसे सभी स्कूल भवनों की पहचान कर ली है जो अब पढ़ाई के लायक नहीं बचे हैं। इन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर नए भवनों का निर्माण किया जाएगा।

50 से अधिक भवन हुए चिह्नित

जिला शिक्षा पदाधिकारी अनिता पुरती ने बताया कि सदर, लिट्टीपाड़ा और हिरणपुर प्रखंडों में 50 से अधिक स्कूल भवन जर्जर हो चुके हैं। विभाग ने इनकी सूची तैयार कर भवन निर्माण विभाग को भेज दी है ताकि जल्द निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए यह कदम बेहद जरूरी था।

डीईओ ने किया निरीक्षण

डीईओ ने प्राथमिक विद्यालय उदयनारायणपुर का निरीक्षण किया और उसकी खराब स्थिति की जानकारी उपायुक्त को दी। इस भवन की मरम्मत का काम जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की राशि से कराया जाएगा।

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खतरनाक हालत में कई भवन

पाकुड़ जिले में कई स्कूल ऐसे हैं जिनकी दीवारें दरक चुकी हैं, छतें गिरने की स्थिति में हैं और पिलर कमजोर हो चुके हैं। ऐसे भवनों में बच्चों की पढ़ाई कराना सीधे-सीधे खतरे को न्योता देने जैसा था।

छात्रों को किया जा रहा शिफ्ट

शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि जिन स्कूलों की इमारतें खतरनाक स्थिति में हैं, वहां से बच्चों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर पढ़ाई कराई जाए।

सूची में कई स्कूल शामिल

जर्जर भवनों की सूची में प्राथमिक विद्यालय जगतपुर, पियर्सोल, धनगढ़ा, जामबाद और खुटामारा जैसे स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा, उत्क्रमित प्राथमिक और उच्च विद्यालयों की भी बड़ी संख्या है, जहां भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं।

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