Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड में लंबे समय से फरार चल रहे माओवादी कमांडर रवींद्र गंझू की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रांची स्थित NIA की विशेष अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि वह 30 दिनों के भीतर अदालत में पेश नहीं होता, तो उसके खिलाफ गैरमौजूदगी में ही ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। अदालत के इस कदम को माओवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें :जामताड़ा SP ने खुद झाड़ू उठाकर शुरू किया स्वच्छता अभियान, पुलिसकर्मियों को दिया बड़ा संदेश
गांव-गांव चस्पा किया गया कोर्ट का नोटिस
कोर्ट के आदेश के बाद रवींद्र गंझू के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस उसके गृह जिला लातेहार के हेसला बांझीटोला समेत कई इलाकों में चस्पा किया गया है, ताकि उसे कानूनी प्रक्रिया की जानकारी मिल सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से उस पर दबाव बढ़ेगा और उसे कानून के दायरे में लाने में मदद मिलेगी।
20 लाख का इनामी है रवींद्र गंझू
रवींद्र गंझू झारखंड में सक्रिय माओवादी नेटवर्क का बड़ा चेहरा माना जाता है। उसके ऊपर झारखंड सरकार ने 15 लाख रुपये और NIA ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। इस तरह वह कुल 20 लाख रुपये का इनामी माओवादी है और सुरक्षा एजेंसियों की सूची में सबसे वांछित आरोपियों में शामिल है।
लुकैया हमले का मुख्य आरोपी
रवींद्र गंझू का नाम लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र स्थित लुकैया मोड़ पर हुए बड़े नक्सली हमले में सामने आया था। इस हमले में पेट्रोलिंग पर निकली पुलिस टीम को निशाना बनाया गया था। हमले में गृह रक्षा वाहिनी के तीन जवानों समेत चार पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की हत्या कर दी गई थी। हमलावर जवानों के हथियार भी लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले की जांच NIA कर रही है।
सहयोगियों पर पहले ही हो चुकी है कार्रवाई
जांच एजेंसियां सिर्फ रवींद्र गंझू ही नहीं, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं। जांच के दौरान उसके कई सहयोगियों और आर्थिक मदद पहुंचाने वाले लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब एजेंसियों का फोकस सीधे रवींद्र गंझू की गिरफ्तारी पर है। कोर्ट के ताजा आदेश के बाद उस पर कानूनी दबाव और बढ़ गया है।
Reporter | Samachar Post