Samachar Post रिपोर्टर,बोकारो :चास नगर निगम में लेखपाल पद पर तैनाती को लेकर सियासी और प्रशासनिक विवाद गहरा गया है। इस मामले में कर्मचारी और मेयर आमने-सामने आ गए हैं, जबकि विवाद अब झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। लेखपाल पद पर कार्यरत सोमेन कुमार मंडल का दावा है कि उनकी नियुक्ति पूरी तरह नियमों के तहत हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में इंटरव्यू प्रक्रिया के जरिए 48 अभ्यर्थियों में उनका चयन हुआ था और उन्हें विधिवत नियुक्ति पत्र मिला था। उनका यह भी कहना है कि उनके काम से संतुष्ट होकर 2017 में बोर्ड मीटिंग में उनका वेतन भी बढ़ाया गया था।
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मेयर ने उठाए नियुक्ति पर सवाल
वहीं चास के मेयर भोलू पासवान ने नियुक्ति को अवैध बताया है। उनका आरोप है कि नियुक्ति प्रक्रिया में न तो सही तरीके से विज्ञापन जारी किया गया और न ही सक्षम प्राधिकारी की अनुमति ली गई। मेयर का कहना है कि शुरुआत में सोमेन को अन्य कार्यों के लिए रखा गया था, लेकिन बाद में उन्हें लेखपाल बना दिया गया, जो नियमों के खिलाफ है।
रिकॉर्ड सील, निगम में बढ़ा तनाव
विवाद बढ़ने के बाद नगर निगम के रिकॉर्ड को सील कर दिया गया है। इससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। निगम के अंदर भी इस मुद्दे को लेकर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
हाईकोर्ट का हस्तक्षेप, 8 हफ्ते में जवाब मांगा
लगातार विवाद और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर सोमेन मंडल ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने नगर निगम को 8 सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि में सोमेन मंडल अपने पद पर बने रहेंगे। बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने मामले पर संतुलित रुख अपनाते हुए कहा है कि फिलहाल किसी को हटाने का निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं और सभी पक्षों को संयम बरतने की सलाह दी है।
आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ी सियासत
जहां सोमेन मंडल ने मेयर पर अपने करीबी को पद पर बैठाने की मंशा का आरोप लगाया है, वहीं मेयर लगातार नियुक्ति प्रक्रिया को ही गलत बता रहे हैं। ऐसे में यह विवाद अब प्रशासनिक से ज्यादा सियासी रंग लेता नजर आ रहा है।
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