Samachar Post डेस्क,पटना :बिहार सरकार ने डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 24,228 गांवों में डेयरी समितियों के गठन का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही 8053 पंचायतों में पशु सहायकों की नियुक्ति की जाएगी और हर पंचायत में सुधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के तहत गांव स्तर पर डेयरी समितियां बनाई जाएंगी, जिससे दूध उत्पादन और संग्रहण व्यवस्था को बेहतर किया जा सके। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पशुपालकों की आय बढ़ाना है।
यह भी पढ़ें :पाकुड़ में खदान हादसा, 4 दिन बाद पानी में तैरता मिला युवक का शव
विभाग और CII के बीच हुआ समझौता
इस संबंध में डेयरी निदेशालय और CCII के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान मत्स्य, डेयरी एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता और विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। नस्ल सुधार कार्यक्रम और तकनीकी सहायता के जरिए पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी।
पशु सहायक निभाएंगे अहम भूमिका
पशु सहायकों की नियुक्ति से गांव-गांव में पशुपालन और डेयरी से जुड़ी सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। ये कर्मचारी नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य और डेयरी प्रबंधन में सहयोग करेंगे, जिससे पूरे सेक्टर को मजबूती मिलेगी। मत्स्य, डेयरी एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार, इस योजना का प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे राज्यभर में लागू किया जाएगा।
Reporter | Samachar Post