Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा: जामताड़ा की मुसर्रत खातून ने पारंपरिक खेती से हटकर स्ट्रॉबेरी उत्पादन कर नई मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने पांच कट्ठा जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की और आज उनकी मेहनत रंग ला रही है। उनके खेतों में तैयार स्ट्रॉबेरी की फसल न सिर्फ अच्छी आमदनी दे रही है, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों को भी प्रेरित कर रही है।
चुनौती को बनाया अवसर
स्ट्रॉबेरी को आमतौर पर ठंडे इलाकों की फसल माना जाता है, लेकिन मुसर्रत खातून ने तकनीकी सहयोग और मेहनत के दम पर झारखंड की मिट्टी में इसकी सफल पैदावार कर दिखाई। अन्य फसलों की तुलना में उन्हें इससे कई गुना अधिक आय हो रही है। स्थानीय बाजारों में ताजी स्ट्रॉबेरी की मांग होने से बिक्री में भी दिक्कत नहीं होती।
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JSLPS से जुड़ने के बाद मिली दिशा
मुसर्रत की सफलता की शुरुआत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से जुड़ने के बाद हुई। ‘गुलाब आजीविका सखी मंडल’ की सदस्य बनने के बाद उन्होंने आधुनिक खेती की तकनीकों को सीखा और आत्मविश्वास हासिल किया।
महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
जहां इलाके के किसान पारंपरिक रूप से धान और मकई की खेती करते रहे हैं, वहीं मुसर्रत ने स्ट्रॉबेरी जैसी नकदी फसल अपनाकर नई राह दिखाई है। उनकी सफलता देखकर क्षेत्र की अन्य महिलाएं और किसान भी इस खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। मुसर्रत खातून की यह पहल दिखाती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और नई सोच के साथ ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल बन सकती हैं।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।