Samachar Post डेस्क,बिहार :बिहार में इस साल गेहूं का उत्पादन भले ही करीब 73 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया हो, लेकिन सरकारी खरीद के लक्ष्य में भारी कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस बार सरकार ने सिर्फ 18 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 91 प्रतिशत कम है। ऐसे में राज्य के अधिकांश किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
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खरीद लक्ष्य में भारी गिरावट, एजेंसियों को सीमित जिम्मेदारी
एक अप्रैल से पैक्स, व्यापार मंडलों और एफसीआई के जरिए एमएसपी पर गेहूं खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पिछले साल जहां इन एजेंसियों को कुल 2 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था, वहीं इस बार इसे घटाकर मात्र 18 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया है। इसमें पैक्स को 13.5 हजार मीट्रिक टन और एफसीआई को 4.5 हजार मीट्रिक टन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस तरह इस वर्ष का लक्ष्य पिछले साल का सिर्फ 9 प्रतिशत रह गया है। केंद्र सरकार का कहना है कि लगातार कम खरीद के कारण लक्ष्य घटाया गया है, लेकिन इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है।
MSP बढ़ा, लेकिन बाजार में कम दाम से किसान परेशान
इस साल गेहूं का एमएसपी 160 रुपये बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, लेकिन बाजार में किसानों को इससे कम कीमत मिल रही है। यही वजह है कि किसान अपनी उपज सरकारी एजेंसियों को MSP पर बेचने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, खरीद शुरू होने के महज एक हफ्ते में ही करीब 17 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका है, जिससे साफ है कि सीमित लक्ष्य के चलते कई किसानों को मौका नहीं मिल पाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार ने जल्द ही खरीद का लक्ष्य नहीं बढ़ाया, तो बड़ी संख्या में किसान MSP के लाभ से वंचित रह जाएंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है।
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