सीएम के ‘शीशमहल’ पर बाबूलाल मरांडी का हमला, बोले- स्कॉलरशिप-पेंशन रुकी, पर बन रहा 100 करोड़ का आवास

Rupa Kumari | March 7, 2026 | 04:37 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड की राजनीति में मुख्यमंत्री आवास निर्माण को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राज्य में बुनियादी सुविधाओं की कमी और मुख्यमंत्री के नए आवास निर्माण को लेकर सवाल उठाए हैं।

बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। कई ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहीं अस्पतालों में डॉक्टर और दवाइयों का अभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हालत यह है कि लोग मामूली इलाज के लिए भी दूसरे राज्यों के शहरों का रुख करने को मजबूर हैं।

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव की तैयारी तेज, झारखंड के 21 कांग्रेस नेताओं को मिली जिला पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी

‘शीशमहल’ जैसे आवास निर्माण पर सवाल

मरांडी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यदि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता जनता की समस्याओं के समाधान की बजाय अपने लिए आलीशान भवन बनाने पर केंद्रित है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बच्चों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए घर के गहने तक बेचने पड़ रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘शीशमहल’ जैसा भव्य आवास बनवा रहे हैं।

लोकतंत्र में सादगी की होनी चाहिए मिसाल

भाजपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों से उम्मीद की जाती है कि वे सादगी और जनसेवा की मिसाल पेश करें। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की परवरिश रजवाड़ों जैसी रही है और वे दलालों, बिचौलियों तथा भ्रष्ट अधिकारियों के प्रभाव में काम कर रहे हैं।

स्कॉलरशिप और पेंशन को लेकर भी उठाए सवाल

मरांडी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में छात्रों की स्कॉलरशिप और बुजुर्गों की पेंशन तक रुकी हुई है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री हर मंच पर झारखंड की गरीबी की बात करते हैं और दूसरी ओर 100 करोड़ रुपये की लागत से भव्य आवास बनवा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, तब मुख्यमंत्री के इस महंगे आवास निर्माण को कैसे जायज ठहराया जा सकता है।

Share this news

संबंधित खबरें