झारखंड विधानसभा में उठा स्वेटर वितरण का मुद्दा, केंद्रांश नहीं मिलने पर सरकार की चिंता

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन बच्चों को ठंड में स्वेटर नहीं मिलने का मुद्दा सदन में गूंजा। विधायक देवेंद्र कुंवर ने कहा कि कड़ाके की ठंड में स्कूली बच्चों को गर्म कपड़े नहीं मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

केंद्रांश अटका, योजनाएं प्रभावित

जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान केंद्र और राज्य के साझा सहयोग से संचालित होता है। इस योजना के तहत कुल 2200 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जिसमें 1320 करोड़ केंद्रांश और 880 करोड़ राज्यांश शामिल है। मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से अब तक केवल 533 करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं। वहीं राज्य की ओर से 328 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक केंद्रांश की पूरी राशि प्राप्त नहीं होती, तब तक राज्यांश जारी करना संभव नहीं है।

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सिर्फ 9 जिलों में राशि, संथाल की अनदेखी

इस मुद्दे पर स्पीकर ने भी चिंता जताई और कहा कि अब तक केवल नौ जिलों में ही राशि भेजी गई है, जबकि संथाल परगना के किसी भी जिले को इसका लाभ नहीं मिला है। उन्होंने सभी जिलों तक समान रूप से राशि पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।

नामांकन पर भी उठे सवाल

विधायक नीरा यादव ने स्कूलों में नामांकन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि एक किलोमीटर की परिधि में रहने वाले बच्चों का नामांकन नहीं हो पा रहा है। इस पर मंत्री ने जवाब दिया कि नामांकन प्रक्रिया विद्यालय प्रबंधन समिति और अभिभावकों की मौजूदगी में होती है और सभी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सदन में इस मुद्दे को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। बच्चों की शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता नजर आया।

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