Samachar Post रिपोर्टर, नई दिल्ली : देश में डिजिटल और एआई आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रिलायंस फाउंडेशन ने 170 करोड़ रुपये की बहु-साझेदार पहल ‘ShikshaNext’ की शुरुआत की है। तीन वर्षों की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लक्ष्य 2029 तक 1.3 करोड़ से अधिक बच्चों खासकर वंचित समुदायों के विद्यार्थियों को तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से सशक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में शुभारंभ
इस पहल का शुभारंभ नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में किया गया।
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साझेदारों की अहम भूमिका
‘ShikshaNext’ में, रिलायंस फाउंडेशन संस्थापक रणनीतिक साझेदार है। गेट्स फाउंडेशन सह-एंकर पार्टनर के रूप में जुड़ा है। सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन मैनेजिंग पार्टनर के तौर पर कार्यक्रम के क्रियान्वयन का समन्वय करेगा। माइकल एंड सुसान डेल फाउंडेशन भी वित्तीय सहयोग प्रदान कर रहा है।
शिक्षा मंत्री का संदेश
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षा में एआई और तकनीक की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने इसे सरकार, सामाजिक संस्थाओं और निजी क्षेत्र के सामूहिक प्रयास का उदाहरण बताते हुए “सबका एडटेक” की अवधारणा पर बल दिया।
तीन प्रमुख कार्यक्रमों से होगा क्रियान्वयन
- EdTech ScaleX: प्रमाणित एडटेक और एआई समाधानों को राज्य शिक्षा प्रणालियों से जोड़ा जाएगा।
- EdTech Accelerator: उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी समाधानों के विकास और विस्तार को समर्थन दिया जाएगा।
- EdTech & AI Innovation Hub: भारतीय भाषाओं और विविध शैक्षिक संदर्भों को ध्यान में रखते हुए नवाचारों का परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा।
डिजिटल कनेक्टिविटी से नई संभावनाएं
रिलायंस फाउंडेशन का कहना है कि डिजिटल कनेक्टिविटी और 5G के विस्तार ने शिक्षा को दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचाने की नई राह खोली है। संस्था का लक्ष्य है कि देश का हर बच्चा अपनी क्षमता को साकार करने का समान अवसर पाए। यह पहल भारत में शिक्षा के डिजिटल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।